ग्रामसभा की जमीन पर फर्जी कब्जे का आरोप , मौजूदा प्रधान ने पूर्व प्रधान के खिलाफ जिलाधिकारी से की शिकायत

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चहनियां/चंदौली

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चहनियां ब्लॉक के ग्राम पंचायत कांवर में ग्रामसभा की जमीन पर कथित फर्जी कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मौजूदा ग्राम प्रधान धीरज सिंह ने पूर्व प्रधान कपिलदेव सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी चंदौली को प्रार्थना पत्र सौंपकर पूरी प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच व कार्रवाई की मांग की है।
प्रधान धीरज सिंह ने आरोप लगाया है कि पूर्व ग्राम प्रधान कपिलदेव सिंह ने ग्रामसभा की सार्वजनिक भूमि गाटा संख्या 595/596 को मृतक व्यक्तियों स्वर्गीय शामू राम और रामसूरत राम के नाम दिखाते हुए दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में कूटरचना कर भूमि को अपने परिवार के कब्जे में कर लिया।

यह भूमि लंबे समय से ग्रामवासियों के सामुदायिक उपयोग में रही है । मौजूदा प्रधान के अनुसार, विवादित भूमि सिर्फ ग्रामसभा की ही नहीं, बल्कि नवीन परती और अंबेडकर पार्क की जमीन भी शामिल है। आरोप है कि पूर्व प्रधान ने पहले अपनी भूमि 595-घ को स्वर्गीय शामू राम और रामसूरत राम को 20 वर्ष पूर्व बेच दिया था। बाद में उसी जमीन के साथ ग्रामसभा की जमीन को अपनी निजी संपत्ति दिखाते हुए गलत चौहद्दी बनाकर रिंकू देवी पत्नी महेंद्र प्रसाद के नाम फर्जी बैनामा करा दिया। जब इसकी जानकारी मौजूदा प्रधान और ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामसभा की ज़मीन गांव की सामूहिक धरोहर होती है और इस पर अवैध कब्जा गांव की सामाजिक और सामुदायिक व्यवस्था को सीधे प्रभावित करेगा। विरोध करने पर ग्रामीणों और ग्रामसभा भूमि संरक्षण समिति के सदस्यों को धमकी दिए जाने का भी आरोप सामने आया है।

मामले को लेकर ग्रामीणों ने न्यायालय में वाद दायर किया है, जिसकी सुनवाई जारी है। इसके साथ ही प्रधान धीरज सिंह और पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी चंदौली से विवादित बैनामा निरस्त करने और फर्जी ढंग से क्रय-विक्रय करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रधान ने माँग करते हुए कहा कि फर्जी दाखिल-खारिज और बैनामा तुरंत निरस्त किया जाए। ग्रामसभा की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही दोषियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई की जाए। वही ग्रामवासियों का कहना है कि ग्रामसभा की जमीन किसी एक व्यक्ति की नहीं, पूरे गांव की धरोहर होती है। यदि इस प्रकार कब्जा होने लगे तो गांव की सामूहिक व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

 

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

 

 

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