तीन बार संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया, किंतु कोई कार्रवाई नही की गई

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मीरजापुर।

चुनार, मीरजापुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस मे आए फरियादियों की समस्याओं को जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सुना। सद्दूपुर मुहल्ला निवासिनी अर्चना देवी ने क्षेत्रीय लेखपाल पर आरोप लगाते हुए कहकि वह बहुत गरीब महिला है और कच्चे जर्जर मकान मे रहती है मकान निर्माण हेतु मेरा नाम डूडा से पास किया गया था, लेकिन लेखपाल ने अपात्र कहते हुए सूची से नाम काट दिया। पुनः जांचकर आवास दिलाने की मांग की है।

जमालपुर थाना क्षेत्र के बरीसलाहपुर गांव निवासी रामजनम ने वन रक्षक पर आरोप लगाया। कहाकि सक्तेशगढ के पंचशील दरी के वन रक्षक अर्जुन द्वारा वन विभाग के जंगल में ब्लास्टिंग कराकर पत्थर व कीमती पेड़ों को कटवाकर वन माफिया की मिली भगत से बेचा जा रहा है उच्च स्तरीय जांच की मांग किया है। चुनार थाना क्षेत्र के केला बेला निवासिनी नेहा व मोहिनी ने शिकायती प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि उसके पिता सुरेन्द्र का निधन हो चुका है और मां चाचा के साथ विवाह कर कही बाहर रहती है। हम बहनों को रहने के लिए चाचा द्वारा पैतृक मकान में हिस्सा नही दिया जा रहा है।

पैतृक मकान में हिस्सा दिलाने की मांग की। सीखड ब्लाक के बटौआ गांव निवासी समर बहादुर ने आराजी नंबर 190 ख रकवा 0.0130 हे0 व आराजी नंबर 196 रकवा 0.038 हे0भूमि गढई हेतु सुरक्षित है, जिस पर गांव के कई लोग द्वारा कब्जा कर लिया गया है जिससे लोगों के घरों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है आते जाते लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत कर्ता का कहना है कि उसने लगातार तीन बार संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया,

किंतु कोई कार्रवाई नही की गई। गढई की सुरक्षित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग किया है। कुल 93 प्रार्थना पत्र पड़े जिसमें मौके पर मात्र एक का निस्तारण हुआ। इस दौरान पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक, एसडीएम राजेश कुमार वर्मा, एसडीएम न्यायिक अजीत कुमार, तहसीलदार इवेन्द्र कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक मंजरी राव सहित राजस्व, पुलिस व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

 

रिपोर्ट अलीम हाशमी

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