वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के गोमती जोन में नवागत पुलिस उपायुक्त (DCP) नीतू कादयान ने 15 अप्रैल 2026 को विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने जोन के अंतर्गत आने वाले सभी थाना प्रभारियों एवं अधिकारियों के साथ एक परिचयात्मक एवं समीक्षा बैठक आयोजित की।
स बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया।
कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान डीसीपी नीतू कादयान ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जोन में कानून-व्यवस्था को हर हाल में सुदृढ़ रखा जाए। अपराध नियंत्रण के लिए सक्रिय पुलिसिंग, नियमित गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महिला सुरक्षा और जनसुनवाई पर जोर
डीसीपी ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देशित किया कि सभी थानों पर आने वाली महिला शिकायतों का त्वरित और संवेदनशील निस्तारण किया जाए। उन्होंने थाना प्रभारियों को यह भी निर्देश दिया कि फरियादियों के साथ शिष्ट, सहयोगात्मक और मानवीय व्यवहार अपनाया जाए, जिससे पुलिस के प्रति आमजन का विश्वास और मजबूत हो सके
डिजिटल*पुलिसिंग को बढ़ावा देने के निर्देश
बैठक में आधुनिक पुलिसिंग के तहत डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। डीसीपी ने कहा कि तकनीक के अधिकतम उपयोग से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरितता लाई जा सकती है। इस क्रम में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए:
ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से सभी अभियोगों में SID का समयबद्ध एवं शुद्ध रूप से जनरेशन सुनिश्चित किया जाए।
यक्ष ऐप पर सभी प्रविष्टियों को नियमित रूप से अपडेट किया जाए और इसका प्रभावी उपयोग किया जाए।
ई-सम्मन पोर्टल की नियमित जांच कर सभी नोटिस, सम्मन, बीडब्ल्यू और NBW का समय पर तामिला सुनिश्चित किया जाए।
प्रत्येक प्रकरण का डिजिटल रिकॉर्ड अद्यतन रखा जाए, जिससे विवेचना में पारदर्शिता बनी रहे।
बीट पुलिसिंग और सूचना तंत्र मजबूत करने पर बल
डीसीपी कादयान ने बीट आरक्षियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक निस्तारण किया जाए। बीट व्यवस्था को सक्रिय बनाकर जनता और पुलिस के बीच संवाद को मजबूत करने पर जोर दिया गया। साथ ही, मुखबिर तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।
रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी











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