जनता दर्शन: ‘इलाज में धन की कमी नहीं आएगी बाधा’, सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए आयुष्मान कार्ड और आर्थिक सहायता के सख्त निर्देश

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

गोरखपुर, 16 अप्रैल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और त्वरित कार्यशैली की नजीर पेश की। श्रावस्ती से आई एक बेबस माँ की गुहार और उसके बीमार बच्चे की हालत देखकर मुख्यमंत्री भावुक हो उठे। उन्होंने सांत्वना देते हुए कहा, “घबराइए मत, बच्चे के इलाज में कोई बाधा नहीं आने देंगे। सरकार आयुष्मान कार्ड भी बनवाएगी और विवेकाधीन कोष से हर संभव मदद भी करेगी।”

भावुकता और निर्णय का संगम

जनता दर्शन के दौरान जब श्रावस्ती की महिला ने अपने गंभीर बीमार बच्चे की व्यथा सुनाई, तो मुख्यमंत्री की नजर बच्चे पर पड़ी। बच्चे की स्थिति देख सीएम ने तत्काल महिला से आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। कार्ड न होने की जानकारी मिलते ही उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस मामले को तत्काल श्रावस्ती जिलाधिकारी (DM) को भेजा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि डीएम के माध्यम से इलाज का ‘इस्टीमेट’ शासन को उपलब्ध कराया जाए ताकि धन की कमी से इलाज न रुके।

समस्याओं का ‘स्पॉट सेटलमेंट’

महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर लगभग 200 फरियादियों के बीच खुद मुख्यमंत्री पहुंचे। एक-एक कुर्सी तक जाकर उन्होंने लोगों की अर्जियां लीं और उनकी शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना। सीएम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए:

न्यायपूर्ण निस्तारण: जनसमस्याओं का समाधान समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषप्रद होना चाहिए।

भू-माफिया पर प्रहार: जमीन कब्जे और दबंगई की शिकायतों पर पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

संवेदनशीलता: अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की पीड़ा के प्रति ‘क्विक रिस्पांस’ दिखाएं।

बच्चों को दुलार और चॉकलेट का उपहार

कठोर प्रशासक के भीतर का कोमल मन उस वक्त दिखा जब सीएम ने जनता दर्शन में आए नन्हे बच्चों को गले लगाया। उन्होंने बच्चों को दुलारा, आशीर्वाद दिया और उन्हें चॉकलेट के पैकेट भेंट किए। मुख्यमंत्री के इस स्नेह को देखकर फरियाद लेकर आई महिलाएं भी गदगद नजर आईं।

मुख्यमंत्री का भरोसा:

“सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है। किसी भी गरीब को इलाज के अभाव में परेशान होने की जरूरत नहीं है। प्रभावी कार्रवाई हमारी प्राथमिकता है।”

 

रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला

 

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई