लखनऊ
स्वराज सवेरा उत्तर प्रदेश की सियासत और सामाजिक हलचलों का सटीक विश्लेषण लेकर आया है।हम आज तीन बड़ी खबरों को विस्तार से बताते हैं।सबसे पहली और बड़ी खबर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह की नोएडा की सियासत में बढ़ती सक्रियता और उनके सियासी इरादों से जुड़ी है।
दूसरी खबर नोएडा में श्रमिकों द्वारा हिंसक प्रदर्शन और उससे पैदा हुई प्रशासनिक चुनौतियों पर आधारित है।इस पर शालिनी सिंह ने योगी सरकार को घेरा है। तीसरी खबर सम्राट चौधरी के बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में पड़ने वाले संभावित जातीय और राजनीतिक असर का विश्लेषण करती है।
नोएडा में श्रमिकों का आंदोलन,हाईटेक शहर में सुरक्षा तंत्र की नाकामी
नोएडा में बीते दिनों श्रमिकों का प्रदर्शन उग्र और हिंसक हो गया।वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन नोएडा से निकलकर एनसीआर के अन्य हिस्सों में भी फैल गया।प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई और पुलिस के वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
हालात पर काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा। इस घटना ने हाईटेक शहर नोएडा की इंटेलिजेंस और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में दहशत है।कई कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम घोषित करना पड़ा है।
शालिनी सिंह की सियासी एंट्री,क्या पंकज सिंह की सीट पर है नजर
नोएडा के इसी हिंसक प्रदर्शन के बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह ने एक वीडियो जारी कर योगी सरकार और पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है।नोएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर शालिनी ने इसे इंटेलिजेंस का बड़ा फेलियर बताया। हालांकि शालिनी के इस कड़े रुख के पीछे सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या वह 2027 के चुनाव में नोएडा विधानसभा सीट से दावेदारी पेश करने वाली हैं।
शालिनी ने खुद भी स्वीकार किया है कि वे राजनीति में आने की इच्छुक हैं,चूंकि नोएडा से वर्तमान विधायक पंकज सिंह (राजनाथ सिंह के बेटे) हैं,इसलिए भाजपा के अंदर शालिनी की दावेदारी मुश्किल लग रही है।ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगर भाजपा से बात नहीं बनी तो शालिनी सपा की साइकिल चला सकती हैं,क्योंकि उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह अक्सर अखिलेश यादव की तारीफ करते रहे हैं।
शालिनी एक तरफ बृजभूषण शरण सिंह की बेटी हैं तो दूसरी तरफ उनकी शादी बिहार के राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखने वाले विशाल सिंह से हुई है।इस तरह से मायका और ससुराल दोनों ही पक्ष सियासी है।ऐसे में शालिनी सिंह सियासी पिच पर उतरने की तैयारी में हैं।
सम्राट चौधरी का बिहार मॉडल,यूपी की 2027 की जंग पर असर
भाजपा ने बिहार में सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाकर एक बड़ा सियासी दांव खेला है।सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज का एक बड़ा चेहरा हैं,इसका असर सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश की सियासत पर पड़ने वाला है। यूपी में कुशवाहा और मौर्य समाज एक बड़ा वोट बैंक है।
भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में सम्राट चौधरी के आक्रामक व्यक्तित्व और उनकी जातीय पहचान को यूपी में भुनाने की तैयारी में है,चूंकि यूपी में पिछड़ों की राजनीति हमेशा केंद्र में रहती है, इसलिए बिहार के इस नेतृत्व परिवर्तन का असर यूपी की जमीनी हकीकत पर पड़ना तय माना जा रहा है।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला










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