50वां इंडिया कारपेट एक्सपो–2026 (गोल्डन जुबली संस्करण): एशिया के सबसे बड़े कालीन मेले की तैयारियां तेज

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भदोही, 18 अगस्त 2026:

कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (CEPC) द्वारा वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से कारपेट एक्सपो मार्ट, कारपेट सिटी, भदोही में 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो–2026 का आयोजन 04 से 07 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है।

यह आयोजन भारतीय हस्तनिर्मित कालीन एवं फ्लोर कवरिंग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, उत्कृष्ट बुनाई कौशल और आधुनिक डिजाइन को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच है।

इंडिया कारपेट एक्सपो अंतरराष्ट्रीय कालीन खरीदारों, एजेंटों, आर्किटेक्ट्स, डिजाइनरों तथा भारतीय कालीन निर्माताओं और निर्यातकों को एक ही मंच पर लाकर व्यापारिक संपर्क एवं दीर्घकालीन व्यावसायिक संबंध स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है।

इस वर्ष आयोजित होने वाला एक्सपो विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह इंडिया कारपेट एक्सपो का 50वां और गोल्डन जुबली संस्करण है।

56 देशों से 400 विदेशी खरीदारों के आने की संभावना

50वें इंडिया कारपेट एक्सपो में लगभग 56 देशों से 400 विदेशी खरीदारों तथा करीब 350 खरीदार प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है। बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी से देश के विशेष रूप से छोटे एवं मध्यम निर्यातकों को अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार में प्रदर्शित करने, नए बाजार तलाशने तथा व्यापारिक अवसर बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

इससे कालीन उद्योग से जुड़े लाखों कारीगरों और बुनकरों के लिए रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को भी मजबूती मिलेगी।

गोल्डन जुबली संस्करण में हाथ से बने कालीन एवं फ्लोर कवरिंग के प्रमुख भारतीय निर्माता और निर्यातक एक साथ आएंगे। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को भारत के प्रमुख कालीन निर्माण क्लस्टरों से उत्पादों की सोर्सिंग करने तथा नवीनतम कलेक्शन, डिजाइन, रंग संयोजन, कारीगरी और उत्पाद नवाचार को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

BRICS देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को मिलेगा बढ़ावा

भारत द्वारा वर्ष 2026 में BRICS की अध्यक्षता संभाले जाने के अवसर को देखते हुए CEPC द्वारा BRICS सदस्य देशों के खरीदारों को 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित एवं सुविधा प्रदान की जा रही है। इसका उद्देश्य BRICS अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार एवं बिजनेस-टू-बिजनेस लिंकेज को मजबूत करना है।

इस पहल के माध्यम से BRICS देशों जैसे ब्राज़ील रुस चीन, यू ए इ, साउथ अफ्रीका, इजिप्त, सऊदी अरबिया इत्यादि देशो के खरीदारों को भारतीय हस्तनिर्मित कालीन एवं फ्लोर कवरिंग के प्रमुख निर्माताओं और निर्यातकों के साथ सीधे जुड़ने, नए सोर्सिंग अवसर तलाशने, भारतीय उत्पादों की विविधता एवं गुणवत्ता को समझने तथा दीर्घकालीन व्यावसायिक साझेदारी विकसित करने का अवसर मिलेगा।

इससे भारतीय कालीन उद्योग के निर्यात बाजार में विविधता आएगी तथा भारत को हस्तनिर्मित कालीन एवं फ्लोर कवरिंग के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक सोर्सिंग डेस्टिनेशन के रूप में और मजबूत करने में मदद मिलेगी ।

उद्योग की मांग पर एक्सपो की अवधि चार दिन की गई

कालीन उद्योग की मांग एवं उद्योग जगत से प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए, परिषद के अध्यक्ष  मुकेश कुमार गोम्बर की अध्यक्षता में आयोजित 210वीं बैठक में इंडिया कारपेट एक्सपो की अवधि को तीन दिन से बढ़ाकर चार दिन करने का निर्णय लिया गया।

अब 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो का आयोजन 04 अक्टूबर से 07 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा तथा वाणिज्य मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से इस एक्सपो में निर्यातको को सब्सिडी के आधार पर छुट भी दिया जा रहा है ।

देश-विदेश के खरीदारों में उत्साह, बायर्स रजिस्ट्रेशन शुरू

50वें इंडिया कारपेट एक्सपो को लेकर देश-विदेश के खरीदारों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। विभिन्न देशों से बड़ी संख्या में विदेशी खरीदारों के मेले में भाग लेने की संभावना है। खरीदारों की बढ़ती रुचि को देखते हुए परिषद द्वारा बायर्स रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय खरीदार भारतीय कालीन निर्माताओं एवं निर्यातकों के साथ सीधे व्यापारिक संपर्क स्थापित कर सकेंगे।

वहीं, इंडिया कारपेट एक्सपो–2026 में भाग लेने वाले भारतीय निर्यातकों के लिए स्टॉल बुकिंग की प्रक्रिया 20 अगस्त 2026 को प्रातः 11:30 बजे से ऑनलाइन खोली गई थी, जिसके माध्यम से इच्छुक निर्यातकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पंजीकरण एवं स्टॉल बुकिंग कराने का अवसर प्रदान किया गया।

भारतीय कालीन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण अवसर

CEPC के अनुसार, 50वां इंडिया कारपेट एक्सपो भारतीय कालीन उद्योग के लिए विशेष महत्व रखता है। गोल्डन जुबली संस्करण के माध्यम से भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों की गुणवत्ता, डिजाइन, विविधता और पारंपरिक कारीगरी को वैश्विक खरीदारों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है।

परिषद को उम्मीद है कि ICE–50 में बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों एवं भारतीय निर्यातकों की भागीदारी होगी।

यह आयोजन नए व्यापारिक अवसरों के सृजन, भारतीय कालीनों के निर्यात को बढ़ावा देने तथा वैश्विक बाजार में भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग की पहचान और विश्वसनीयता को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

रिपोर्ट – फ़ारुख़ जाफ़री

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