गोरखपुर
खजनी थाना क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान बुधवार को खजनी पुलिस और एंटी थेफ्ट सेल की संयुक्त टीम ने 15 हजार रुपये के इनामिया वांछित अभियुक्त जितेन्द्र पासवान उर्फ लादेन को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में घुटने के नीचे गोली लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया।
घायल आरोपी को तत्काल पुलिस अभिरक्षा में उपचार के लिए पीएचसी बांसगांव भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस के मुताबिक जितेन्द्र पासवान उर्फ लादेन पुत्र लालचन्द, ग्राम भीटी खोरिया थाना खजनी का निवासी है और थाना खजनी में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 363/2025 धारा 308(5) बीएनएस में वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
घटना 19 अगस्त 2026 की है। पुलिस टीम को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि वांछित अभियुक्त बाघागाड़ा की तरफ से जरलही पुल होते हुए उनवल की ओर आने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी निरीक्षक खजनी जयन्त कुमार सिंह के नेतृत्व में खजनी पुलिस और एंटी थेफ्ट सेल की संयुक्त टीम ने जरलही पुल के पास घेराबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी।
इसी दौरान संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस के अनुसार वह मोटरसाइकिल मोड़कर तेजी से निकलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गया।
पुलिस टीम ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए ललकारा। आरोप है कि इसके बावजूद अभियुक्त ने पुलिस टीम पर तमंचे से फायर कर दिया। पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके बाएं पैर में घुटने के नीचे गोली लगी। गोली लगने के बाद वह घायल होकर गिर गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से .315 बोर का एक अवैध देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा एक दोपहिया वाहन बरामद किया गया। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर खजनी थाने में मुकदमा अपराध संख्या 266/2026 के तहत धारा 109(1), 317(2) बीएनएस तथा 3/25/27 आयुध अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार जितेन्द्र पासवान उर्फ लादेन का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ वर्ष 2015 से लेकर वर्ष 2026 तक गोरखपुर के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, गैंगस्टर एक्ट, मारपीट, धमकी, सरकारी कार्य में बाधा, आगजनी, आयुध अधिनियम समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
उसके खिलाफ चिलुआताल थाने में वर्ष 2015 में धारा 392, कैंट थाने में धारा 379, 411, 419 समेत अन्य धाराओं, गोरखनाथ थाने में लूट से संबंधित दो मुकदमे तथा शाहपुर थाने में भी लूट के कई मामले दर्ज हैं। कोतवाली थाने में धारा 393, 302 का मुकदमा भी दर्ज है। इसके अलावा बेलीपार और गोरखनाथ थाने में गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं।
वर्ष 2016 में सहजनवा थाने में एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। शाहपुर थाने में वर्ष 2016 और 2019 में भी कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। बांसगांव थाने में वर्ष 2020 में चोरी और आयुध अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हुए। खजनी थाने में वर्ष 2025 में धारा 115(2), 351(3) बीएनएस तथा धारा 308(5) बीएनएस के तहत मुकदमे दर्ज किए गए। वर्तमान मुठभेड़ के बाद वर्ष 2026 में आयुध अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।
वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक खजनी जयन्त कुमार सिंह, एंटी थेफ्ट सेल प्रभारी सुनील कुमार राय, वरिष्ठ उपनिरीक्षक बिपिन सिंह, उनवल चौकी प्रभारी अविनाश कुमार सिंह, महुआडाबर चौकी प्रभारी आशीष यादव समेत पुलिस और एंटी थेफ्ट सेल के अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका रही।
टीम में हेड कांस्टेबल अनिल चौधरी, एसओजी के हेड कांस्टेबल मोहसिन खान, धर्मेन्द्र नाथ तिवारी, मिथलेश बहादुर सिंह, कांस्टेबल रमेश कुशवाहा, भूपेन्द्र यादव, खजनी थाने के कांस्टेबल रामदुलार चौधरी, अरविन्द यादव, आशुतोष पाण्डेय, सावन गौड़, मनोज चौहान और प्रवीण सिंह तथा एंटी थेफ्ट सेल के कांस्टेबल अंकित सिंह और अमित यादव शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ दर्ज मुकदमों और उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए उसकी गिरफ्तारी को अभियान के तहत महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। घायल अभियुक्त का उपचार पुलिस अभिरक्षा में कराया जा रहा है और उसके स्वस्थ होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








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