माह बाद भी जानलेवा हमले के आरोपी फरार, न्याय की गुहार लगाता रहा पीड़ित परिवार

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चन्दौली

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय)। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के हरिशंकरपुर निवासी महेंद्र प्रसाद प्रजापति पर हुए जानलेवा हमले के मामले में घटना के दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। इससे पीड़ित परिवार में पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी और निराशा बढ़ती जा रही है।

पीड़ित महेंद्र प्रसाद प्रजापति और उनके परिजनों का आरोप है कि मामले में अब तक तीन विवेचक बदले जा चुके हैं, लेकिन जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार मुगलसराय कोतवाली में न्याय की गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। यहां तक कि पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन उनके निर्देशों के बावजूद जांच में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।

परिजनों का आरोप है कि जब वे उच्च अधिकारियों से मिलने की बात करते हैं तो उन्हें हतोत्साहित किया जाता है। लगातार हो रही देरी के कारण परिवार को आशंका है कि कहीं 90 दिन पूरे होने के बाद मामले को पुराने प्रकरण के रूप में फाइलों में न दबा दिया जाए।

28 मार्च को हुआ था हमला

जानकारी के अनुसार हरिशंकरपुर निवासी रोहित कुमार ने मुगलसराय कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उनके पिता, 50 वर्षीय महेंद्र प्रसाद प्रजापति, सतपोखरी प्लॉट स्थित अपनी जनरल स्टोर की दुकान बंद कर 28 मार्च की रात घर लौट रहे थे। इसी दौरान हरिशंकरपुर (चांदपुर) मस्जिद के पास अज्ञात हमलावरों ने पीछे से उन पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन उन्हें दुलहीपुर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, वाराणसी रेफर किया गया। बाद में उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए भिखारीपुर स्थित एपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उनका उपचार चला।

अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई थी एफआईआर

मामले में मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 110 के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर संख्या 0142/2026 दर्ज की थी। शुरुआत में मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह को सौंपी गई थी। उनके स्थानांतरण के बाद जांच की जिम्मेदारी मनोज तिवारी को मिली और वर्तमान में उपनिरीक्षक राज कुमार मामले की विवेचना कर रहे हैं।

हालांकि घटना के दो माह बाद भी न तो हमलावरों की पहचान हो सकी है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो पाई है। ऐसे में अपराध नियंत्रण और अपराधियों में भय पैदा करने के पुलिस के दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।

सीओ ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

इस संबंध में क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर, अरुण कुमार सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रकरण की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में जो भी आरोपी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

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