हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग और कत्ल का खूनी खेल थाना मिर्ज़ापुर पुलिस ने किया डूडा अधिकारी और उनकी साथी के दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश

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सहारनपुर

जनपद की पुलिस ने एक ऐसी उलझी हुई आपराधिक साजिश का पर्दाफाश किया है जिसने रिश्तों, लालच और अपराध के गठजोड़ को बेनकाब कर दिया है। एसएसपी अभिनंदन सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि थाना मिर्जापुर, बड़गांव और स्वाट-सर्विलांस की संयुक्त टीम ने दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए दो हत्यारोपियों, सुधारस और कपिल को गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले की शुरुआत जनपद मथुरा के एक कीमती प्लॉट के विवाद और ₹25 लाख की भारी-भरकम ब्लैकमेलिंग से हुई थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक राखी ने मुख्य आरोपी सुधारस की एक आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी थी और इसी के एवज में उसे डूडा अधिकारी विक्रान्त की हत्या के लिए मजबूर किया। योजना के तहत सुधारस और राखी ने मिलकर पहले विक्रान्त की गोली मारकर हत्या की और शव को बड़गांव क्षेत्र की नदी में फेंक दिया।

लेकिन अपराध की यह कहानी यहीं खत्म नहीं हुई; जब बागपत पुलिस ने विक्रान्त की गुमशुदगी के मामले में राखी से पूछताछ की, तो वह घबरा गई और उसने सुधारस को ही सारा राज खोलने की धमकी दे डाली। खुद को फंसता देख सुधारस ने अपने साथी कपिल के साथ मिलकर राखी को रास्ते से हटाने की साजिश रची और उसे पार्टी के बहाने सहारनपुर लाकर हथौड़े और चाकू से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल अज्ञात महिला (राखी) के शव की शिनाख्त की, बल्कि कड़ियों से कड़ियां जोड़ते हुए हत्या में प्रयुक्त टाटा नैक्सोन कार, लाइसेंसी पिस्टल, हत्या में इस्तेमाल हथौड़ा-चाकू और खून से सनी टी-शर्ट भी बरामद कर ली। प्रभारी निरीक्षक सूबे सिंह और उनकी टीम की इस बड़ी कामयाबी ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी सफाई से राज छिपाने की कोशिश करे, कानून के हाथ उन तक पहुँच ही जाते हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजकर पुलिस ने राहत की सांस ली है

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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