भारतीय लोकतंत्र में युगांतरकारी परिवर्तन से महिलाओं को मिलेगा उनका वाजिब हक: डा. वीना सिंह

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

मीरजापुर

सोमवार, 13 अप्रैल को भरूहना स्थित जीडी बिनानी पीजी कॉलेज के सभागार में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण अधिनियम) विषय पर प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता जीडी बिनानी कॉलेज की पूर्व प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ0) वीणा सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लगातार महिला सशक्तिकरण के प्रयास हुए हैं।

जिसके परिणाम के रूप में नारी शक्ति वंदन अधिनियम “प्रत्यक्ष किं प्रमाणम्” के रूप में समक्ष है। देश की मोदी सरकार ने देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम (कानून) पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देते हुए लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा और बेटियों को भी समान अवसर प्रदान करेगा।

विशिष्ट वक्ता सदस्य राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग उ0 प्र0 सरकार नीलम प्रभात ने अपने वक्तव्य में ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम सिर्फ एक कानून नहीं बल्कि महिलाओं को उनका सम्मान और अधिकार दिलाने का महायज्ञ है। अब संसद और विधानसभाओं में नारियों का गर्जन सुनाई देगा।

पत्रकार वार्ता के दौरान सुनीता शर्मा साथ रही।

 

रिपोर्ट – भोलानाथ यादव

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई