चन्दौली चहनियां
विकास खंड के खड़ंवारी ग्राम सभा में मनरेगा योजना के तहत कराए जा रहे मार्ग के सफाई एवं मिट्टी कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत द्वारा संचालित कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार खड़ंवारी गांव में राकेश प्रजापति के घर से सराय बार्डर तक पीच सड़क के दोनों तरफ सफाई एवं मिट्टी भराई का कार्य जिला पंचायत द्वारा मनरेगा योजना के अंतर्गत कराया जाना है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि कार्यस्थल पर निर्धारित संख्या में मजदूरों को नहीं लगाया जा रहा है, जबकि कागजों में बड़े पैमाने पर मजदूरों की उपस्थिति दर्शाकर भुगतान निकाला जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत प्रतिदिन 20 से 25 मजदूरों को कार्य पर लगाया जाना चाहिए, लेकिन मौके पर केवल चार से पांच मजदूर ही काम करते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि मात्र औपचारिकता निभाते हुए सड़क के दोनों तरफ करीब 15 मीटर तक घास की सफाई कराई गई और इसके बावजूद लगभग चार लाख रुपये का भुगतान भी करा लिया गया।
संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार कर्मियों की मिलीभगत से कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि कार्य की स्थलीय जांच कराई जाए तो वास्तविकता सामने आ जाएगी और बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, मुख्य विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को गति देना है।लेकिन यदि इस प्रकार की अनियमितताएं जारी रहीं तो योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा।फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।










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