चंदौली धानापुर
अदनान फाउण्डेशन की साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पत्रिका ‘हाल फिलहाल’ पर मंगलवार को धानापुर कस्बा स्थित कैंप कार्यालय पर परिचर्चा एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साहित्य, शिक्षा और समाज से जुड़े अनेक व्यक्तियों ने सक्रिय भागीदारी की।
परिचर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ‘हाल फिलहाल’ पत्रिका समाज के समसामयिक मुद्दों, जीवन की सच्चाइयों, सांस्कृतिक मूल्यों और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रभावी ढंग से सामने लाने का कार्य कर रही है। उन्होंने इसे स्थानीय रचनाकारों और नवोदित साहित्यकारों को मंच देने वाला प्रयास बताया, जो समाज में सकारात्मक विमर्श को प्रोत्साहित करता है।
पत्रिका के संपादक एम. अफसर खान सागर ने अपने संबोधन में कहा कि अदनान फाउण्डेशन का उद्देश्य साहित्य और सामाजिक चेतना को गांव-गांव तक पहुँचाना है। ‘हाल फिलहाल’ इसी सोच का परिणाम है, जिसमें साहित्य, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों को प्रमुखता दी जा रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पत्रिका आने वाले समय में साहित्य और समाज के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बनेगी।
कार्यक्रम के अंत में पत्रिका के प्रथम अंक की सामग्री पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। प्रतिभागियों ने इसमें प्रकाशित लेखों, कविताओं और आलेखों की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि आगामी अंकों में स्थानीय इतिहास, लोककला और शिक्षा से जुड़े विषयों को और अधिक स्थान दिया जाए। उपस्थित जनों ने पत्रिका के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इसे समाज में साहित्यिक चेतना का दीपक बताया।
इस दौरान डॉ राजीव मिश्रा, डॉ आरएन यादव, कलीम खान, डॉ अरविंद कुमार मिश्र, आरिफ खान, बृजेश प्रजापति, रामाशीष यादव, गोविन्, कृपाशंकर सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे। संचालन अबुल खैर अहमद ने किया।











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