उदय प्रताप स्वायत्तशासी महाविद्यालय के राजर्षि सभागार में शनिवार को उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत ग्रामीण विकास को केंद्र में रखकर शिक्षण संस्थानों की सक्रिय सहभागिता पर आधारित एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आरसीआई, उन्नत भारत अभियान, आईआईटी बीएचयू वाराणसी एवं उदय प्रताप महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के न्यायालय शुल्क एवं स्टांप पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल उपस्थित रहे।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र सिंह ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि महाविद्यालय की टीम ने ग्रामीणों एवं बुनकरों की मूलभूत समस्याओं जैसे जल संचयन, जल निकासी और कूड़ा निस्तारण का अध्ययन करके उनके समाधान हेतु जागरूकता फैलाई, जिसके फलस्वरूप अब स्थानीय समुदाय स्वयं इन समस्याओं का निस्तारण कर रहे हैं। मंचासीन आईआईटी बीएचयू के डॉ. शैल शंकर ने उन्नत भारत अभियान की दृष्टि एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए इसे शिक्षा और ग्रामीण विकास को जोड़ने वाला प्रभावी माध्यम बताया। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि भारत की परंपरा में जल संरक्षण और संसाधनों का सम्मान गहराई से जुड़ा है।
उन्होंने युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा और रोजगार की ओर प्रेरित करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की 22 तथा केंद्र सरकार की 9 योजनाएं युवाओं को सब्सिडी और सहयोग प्रदान कर रही हैं। मंचासीन विशिष्ट अतिथि एसडीएम सदर नितिन सिंह आईएएस ने अभियान को शिक्षा और ग्रामीण विकास का सेतु बताते हुए कहा कि ज्ञान की संवर्धन से ही समाज उन्नत हो सकता है। कार्यक्रम में अशोक मनवानी ने मोती की वैज्ञानिक खेती को ग्रामीण युवाओं के लिए नया उद्यम बताते हुए इसकी उच्च बाजार में मांग और लाभप्रदता पर प्रकाश डाला।
डॉक्टर सत्य चरण सहायक प्राध्यापक कीट विज्ञान ने मधुमक्खी पालन को स्वरोजगार का माध्यम बताते हुए शहद के साथ-साथ मोम, रॉयल जेली और बी वेनम जैसे उत्पादों की महत्व समझाई। डॉक्टर कमलेश कुमार गौतम ने मशरूम उत्पादन को ग्रामीण आय का महत्वपूर्ण साधन बताते हुए कहा कि नियंत्रित वातावरण में अल्प निवेश से मशरूम की खेती किसानों को अतिरिक्त आय दे सकती है। यह कार्यक्रम आईसीआई, उन्नत भारत अभियान, आईआईटी बीएचयू वाराणसी के प्रोग्राम मैनेजर अभिषेक जी के समन्वयन से संपन्न हुआ।
धन्यवाद ज्ञापित जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं उन्नत भारत अभियान की संस्था समन्वयक प्रो. तुमुल सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. मनोज प्रकाश त्रिपाठी, प्रो. एनपी सिंह, प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह, डा. नवीन झा, डा. देवनारायण सिंह, डा. अश्वनी कुमार निगम, डा. बी के सिनहा, डॉ सतीश प्रताप सिंह, डॉ. चंदन कुमार, कीर्ति सिंह, प्रीति सिंह, डा.विनय कुमार सहित अनेक प्राध्यापक गण भी उपस्थित रहे।










Users Today : 42
Users This Year : 11832
Total Users : 24425
Views Today : 103
Total views : 48033