वाराणसी में CBI का बड़ा धमाका: केनरा बैंक की सहायक प्रबंधक गिरफ्तार, साइबर ठगी म्यूल खातों का खुलासा

Picture of voiceofshaurya@gmail.com

voiceofshaurya@gmail.com

FOLLOW US:

Share

वाराणसी। साइबर ठगी के नेटवर्क पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केनरा बैंक की चितईपुर शाखा में तैनात सहायक प्रबंधक शालिनी सिन्हा को गिरफ्तार किया है। उन पर साइबर अपराधियों को म्यूल बैंक खाते खुलवाने और ठगी से हासिल रकम के लेन-देन में मदद करने के गंभीर आरोप हैं।

सीबीआई ने बुधवार को आरोपी को विशेष न्यायाधीश चतुर्थ (भ्रष्टाचार निवारण) रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाने की अनुमति दी गई। अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी को 26 दिसंबर दोपहर 12 बजे तक संबंधित क्षेत्राधिकार न्यायालय में पेश किया जाए तथा इस दौरान किसी प्रकार की शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना न की जाए।

अभियोजन की ओर से श्याम सरोज दुबे ने सीबीआई का पक्ष रखा। अप्रैल में दर्ज हुआ था मुकदमा, देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा सीबीआई ने इस मामले में अप्रैल माह में दिल्ली में केस दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि देशभर के कई बैंकों के कर्मचारी साइबर अपराधियों को म्यूल खाते खोलने में मदद कर रहे थे, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी से कमाई गई रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने में किया जा रहा था।

देशभर में 8.7 लाख म्यूल बैंक खाते!

सीबीआई जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

* 743 सरकारी और निजी बैंक म्यूल खातों के घेरे में

* औसतन हर बैंक में 300 म्यूल खाते

* कुल संख्या करीब 8.7 लाख खाते

इन खातों में RBI के नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई। कई खातों में कुछ ही दिनों में करोड़ों का लेन-देन हुआ, बावजूद इसके उन्हें संदिग्ध खातों की श्रेणी में नहीं डाला गया।

फर्जी दस्तावेज, बिना सत्यापन खुले खाते

जांच में यह भी सामने आया कि अधिकांश म्यूल खाते फर्जी दस्तावेजों पर खोले गए। खाताधारकों से न कोई पत्राचार हुआ, न ही सही तरीके से केवाईसी सत्यापन। इस पूरे खेल में बिचौलियों की अहम भूमिका सामने आई, जिन्होंने बैंक कर्मचारियों को नियम ताक पर रखने के लिए तैयार किया।

4 राज्यों में फैला नेटवर्क, 18 बैंककर्मी रडार पर

सीबीआई को जांच में ऐसे 16 खाताधारकों का पता चला, जिनके खातों में साइबर ठगी की रकम जमा हुई। ये लोग दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड और राजस्थान के बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा 18 बैंक कर्मचारी, ई-मित्र और अन्य मध्यस्थ भी चिन्हित किए गए हैं, जिनका संबंध राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से है। इनमें यूको बैंक का एक कर्मचारी भी शामिल बताया गया है।

निरंजन गुप्ता से लगातार संपर्क में थीं शालिनी सिन्हा

सीबीआई के अनुसार, निरंजन गुप्ता नामक व्यक्ति गेमिंग ऐप, बेटिंग ऐप और साइबर ठगी के लिए म्यूल खाते खुलवाता था। उसके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में यह सामने आया कि शालिनी सिन्हा उससे लगातार संपर्क में थीं।

चितईपुर शाखा से पहले शालिनी सिन्हा पटना के एस.के. नगर शाखा में तैनात थीं। वहां उनकी संस्तुति पर छह म्यूल बैंक खाते खोले गए, जिनमें से प्रत्येक खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ।

व्हाट्सएप चैट के आधार पर सीबीआई का दावा है कि शालिनी सिन्हा को इस बात की पूरी जानकारी थी कि निरंजन गुप्ता और उसके सहयोगी फर्जी तरीके से खाते खुलवाकर साइबर ठगी कर रहे हैं।

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई

जहांगीरगंज में संतोष पांडेय पर संरक्षण का आरोप, प्रशासनिक उदासीनता से जूझ रहे ग्रामीण शिकायतकर्ताओं से दुर्व्यवहार और जांच में लीपापोती खंड शिक्षा अधिकारी संतोष पांडेय के खिलाफ बढ़ा आक्रोश।