चन्दौली कमालपुर
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय खड़ान पर बीते तीन सालों से चिकित्सक नदारत है।अस्पताल को फार्मासिस्ट व चौकीदार के सहारे चलाया जा रहा है।इससे मरीजों को चिकित्सक व दवाइयों के अभाव में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।शिकायत के बाद भी अस्पताल पर व्याप्त समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है।इससे विभाग के प्रति ग्रामीणों की नाराजगी पनप रही है।
धानापुर विकास खंड के खड़ान गांव में तीन दशक पूर्व 1993 में तत्कालिन प्रधान विरेन्द्र प्रताप सिंह के प्रयासो से राजकीय आयुर्वैदिक चिकित्सालय का स्थापना किया गया।लगभग तीस साल तक तत्कालीन प्रधान के मकान में ही अस्पताल चलता रहा।तब तक डाक्टरो की तैनाती व दवाईयो का स्टाक ठीक – ठाक रहा। ग्रामीणों व दुर दराज से गरीब मरीजो को अस्पताल से काफी सहूलियत मिलती थी।
जबकि बीते वर्ष 2022 में खड़ान के सरकारी व्यायामशाला में चिकित्सालय खोला गया।पूर्व बीडीसी व समाजसेवी प्रेम सिंह ने कहा कि अस्पताल पर डॉ0 नीलम सिंह का कागजों में तैनाती किया गया है।बावजूद अब तक अस्पताल पर कभी भी चिकित्सक का मरीजों ने दर्शन नहीं किया।लगभग तीन साल से अस्पताल फर्मासिस्ट व चौकीदार के सहारे चल रहा है।कभी चौकीदार नदारद रहता है तो कभी फर्मासिस्ट दोनो की आपस में जुगलबंदी है आए दिन दवा के अभाव में और अस्पताल के बंद होने के कारण मरीजो को वापस घर जाना पडता है।
इसके अलावा अस्पताल पर दवाओं का अभाव है।जिलाधिकारी से मांग है कि जल्द से जल्द भगौडे डाक्टर पर विभागीय कार्यवाही किया जाए।वही अस्पताल पर व्याप्त समस्याओं का निराकरण किया जाए।ताकि आम जनमानस को राजकीय आयुर्वैदिक चिकित्सालय का लाभ मिल सके।










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