चंदौली शहाबगंज
किसान किसान दिवस पर जिलाधिकारी से बीएन सीड कम्पनी के बीज के वितरण पर रोक लगाने की मांग उठाएंगे। कारण की शहाबगंज क्षेत्र मे धान अभी भी हरा है जबकि बगल के और खेतों के धान कट चुके हैं। बुआई हो रही है लेकिन जिस खेत में बीएन सीड की खेती है वह अभी भी कच्चा है। इसका वैराइटी नाम एम टी यू 1318 है। कम्पनी ने बताया था कि यह धान नाटी मंसूरी सुवर्णा से पंद्रह दिन पहले पक कर तैयार हो जायेगी।उपज 45 कुंतल प्रति एकड़ होगी यानी सत्तर मन प्रति बीघा।
किसानों ने अच्छी वैराइटी जानकर खरीदा लेकिन हुआ उल्टा मुश्किल से 40% पौधों में बालियां निकली हैं। बालियों में दाने भी कम हैं। बालियां छोटी भी हैं और दाने भी कम हैं। यह धान प्रति एकड़ मुश्किल से 10 कुंतल उपज देगा 70 कुंतल प्रति एकड़ का वादा था और ऊपज हुई 10 कुंतल प्रति एकड़। ]\
बीएन सीड कम्पनी के अधिकारियों ने दो बार किसानों के आरोप लगाए जाने के बाद सर्वे किया लेकिन आज तक कोई सकारात्मक रूप कंपनी ने नहीं दिखाया। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री और उपाध्यक्ष इंद्रदेव यादव ने उन खेतों का निरीक्षण किया। उपाध्यक्ष इंद्रदेव यादव ने पूछे जाने पर बताया कि कंपनी ने किसानों से पैसा ऐठ लिया, फिर फसल खराब होने पर हाथ उठा दिया।
संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने बताया कि इसके लिए किसानों को चाहिए की बीएनसीबी कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में कंप्लेंट करें और फसल के नुकसानी की भरपाई और दंड स्वरूप राशि वसूल की जाए। इसकी जानकारी उप कृषि निदेशक भीम सेन और जिला कृषि अधिकारी डॉ विनोद यादव को दी जाये। वही जिला किसान दिवस में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से बीएन सीड कम्पनी को इस तरह के बीज को बेचने की अनुमति नहीं दी की मांग करेंगे।
क्षेत्र के जिगिना,बरांव,अरारी,सेमरां,मसोईं,हड़ौरा, बरियारपुर लेहरां,बड़ौरा इत्यादि गांव के कुछ-कुछ किसानों ने इस धान की खेती किया है। इसके खिलाफ पीड़ित किसानों ने भारी आक्रोश व्यक्त किया। बताया कि खरीफ और रबी सीजन की दोनों फसल चौपट हो गई।
आक्रोश व्यक्त करने वालों में प्रमुख रूप से राम अवध सिंह, इंद्रदेव यादव,राजबंश,रामचरन, मनोज, उमेश यादव, पप्पू, मिठ्ठू यादव, चंदन सिंह, सत्यनारायण सिंह इत्यादि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी











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