लखनऊ। सुदर्शन न्यूज़ चैनल के पत्रकार सुशील अवस्थी राजन पर हुए जानलेवा हमले की घटना को लेकर राजधानी लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकारों ने मंगलवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ पत्रकार प्रभात त्रिपाठी ने किया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस वास्तविक हमलावरों को जल्द गिरफ्तार नहीं करती है, तो पत्रकार मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि लगातार पत्रकारों पर हो रहे हमले गंभीर चिंता का विषय हैं और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वरिष्ठ पत्रकार शेखर श्रीवास्तव ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, वह “संभवत: वास्तविक आरोपी नहीं है।” उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई संदिग्ध प्रतीत होती है और इससे जांच पर सवाल खड़े होते हैं।
उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त पत्रकार संगठन के सदस्य अनिल सैनी ने आरोप लगाया कि पुलिस “सत्ता के किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने का प्रयास” कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ, तो संगठन प्रदेश-व्यापी आंदोलन छेड़ने को बाध्य होगा।
पत्रकार श्यामल त्रिपाठी ने कहा कि जो पत्रकार निडरता से भ्रष्टाचार या गलत कार्यों को उजागर करता है, उसे निशाने पर लिया जाना अत्यंत चिंताजनक है। ऐसे माहौल में स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता कठिन होती जा रही है।
वरिष्ठ पत्रकार कौसर जहां ने कहा कि समय आ गया है कि पत्रकार एकजुट होकर ऐसे अराजक तत्वों को उजागर करें जो “सत्ता की आड़ में गलत कृत्य” कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमले लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा हमला हैं।
विदित हो कि कुछ दिन पूर्व पत्रकार सुशील अवस्थी ने सत्ता से जुड़े कुछ लोगों की कार्यशैली की आलोचना की थी, जिसके बाद उन पर हमला किया गया। उन्होंने पुलिस को वीडियो, फोटो और वाहन नंबर देने के बावजूद कार्रवाई न होने पर रोष व्यक्त किया है।
प्रदर्शन में वरिष्ठ पत्रकार शहरयार खान, राजेंद्र मिश्रा, रजेंद्र प्रसाद, वरिष्ठ फोटोग्राफर टीटू शर्मा, मोहम्मद जाहिद अख्तर, नीरज उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।











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