काशी विद्यापीठ क्षेत्र के चार बार निर्वाचित पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं समाजसेवी हीरा प्रसाद उर्फ छक्कन मौर्य का मंगलवार को इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।नर्सरी व्यवसाय से जुड़े हीरा प्रसाद मौर्य का सार्वजनिक जीवन अत्यंत सक्रिय रहा।
उन्होंने पहली बार वर्ष 1982 में मंडुवाडीह ग्राम सभा से ग्राम प्रधान के रूप में राजनीति की शुरुआत की। इसके बाद वर्ष 1990, 1995, 2000 और 2005 तक लगातार चार बार काशी विद्यापीठ के ब्लॉक प्रमुख रहे। वर्ष 2000 से 2005 तक उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी ने भी ब्लॉक प्रमुख का दायित्व संभाला।
वर्ष 2005 में उनके परिवार के कुल छह सदस्य बीडीसी के रूप में निर्वाचित हुए, वहीं उनके भाई मोतीलाल शास्त्री — जो राष्ट्रीय समानता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं — की पत्नी रुक्मिणी देवी उस समय ग्राम प्रधान चुनी गई थीं।
पिछड़े और दलित वर्गों के मसीहा के रूप में पहचान बनाने वाले हीरा प्रसाद मौर्य को वर्ष 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा ‘बेस्ट ब्लॉक प्रमुख’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने विधानसभा और एमएलसी चुनाव भी लड़ा था।अपने पीछे वे चार पुत्र — आनंद मौर्य, नीलरतन मौर्य सहित अन्य दो पुत्रों — का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके बड़े पुत्र आनंद मौर्य मंडुवाडीह के ग्राम प्रधान रह चुके हैं।
उनके निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके योगदान को अमूल्य बताया
रिपोर्ट जगदीश शुक्ला











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