सकलडीहा /चन्दौली इबादत के साथ मोहब्बत, और दुआओं के साथ अटूट भाईचारे का कुछ ऐसा ही मंजर आज सकलडीहा की बड़ी मस्जिद में देखने को मिला। ईद उल फितर के मुकद्दस मौके पर यहाँ खुशियों का सैलाब उमड़ पड़ा।
\हजारों की संख्या में मुस्लिम भाइयों ने जहाँ खुदा की बारगाह में सिर झुकाकर मुल्क में अमन चैन की दुआ मांगी, वहीं हिंदू भाइयों ने मस्जिद पहुँचकर गले लगकर मुबारकबाद दी। और यह साबित कर दिया कि त्योहार मजहब से नहीं, दिलों से मनाए जाते हैं। एकता के रंग में रंगा सकलडीहा ,सुबह से ही बड़ी मस्जिद का परिसर सफेद लिबास और रंग-बिरंगी टोपियों से गुलजार रहा। नमाज संपन्न होते ही फिजां में ‘ईद मुबारक’ की गूंज सुनाई देने लगी।
इस मौके पर सबसे खूबसूरत तस्वीर तब दिखी जब क्षेत्रीय हिंदू समाज के लोग बड़ी संख्या में अपने मुस्लिम मित्रों को बधाई देने पहुँचे। दोनों समुदायों के बीच खिलखिलाते चेहरे और हाथ मिलाते युवाओं ने नफरत की दीवारों को गिराकर प्रेम का संदेश दिया। हजारों हाथों ने एक साथ मांगी दुआ।
भीड़ का आलम यह था कि मस्जिद के अंदरुनी हिस्से से लेकर बाहरी परिसर तक तिल रखने की जगह नहीं थी। बुजुर्गों की दुआएं और बच्चों की किलकारियों ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। नमाज के बाद हिंदू-मुस्लिम भाइयों ने साथ मिलकर तस्वीरें खिंचवाईं और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया।
इस मौके पर अनिल कुमार सेठ, आजाद अंसारी, हामिद अंसारी, सरवर अंसारी ,शमशेर अंसारी ,डॉक्टर गुफरान ,डॉक्टर अकबर, इमरान शाहिद अली, हाशमी बाबू, जान बाबू भाई के साथ अन्य लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी










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