प्रभु श्रीकृष्ण ने कंस के अहंकार को तोड़ा ही नही अत्याचार से मुक्ति दिलायी-संत रमेश

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चहनियां/चंदौली


चहनियां स्थित कस्बा में समाजसेवी डॉ. अजय कुमार सिंह के द्वारा सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का आयोजन हुआ ।

जिसमें व्यास संत प. रमेश त्रिपाठी ने श्रीमद भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन रविवार को रसपान कराया । कथा के दौरान प्रभु श्रीकृष्ण की जन्म की झांकी दिखी । जहां प्रभु श्रीकृष्ण के जयकारे से गूंज उठा ।

आयोजक द्वारा यमुना देवी के संत रमेश त्रिपाठी ने कहा कि प्रभु श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि कंस द्वारा जब अत्याचार बढ़ गया तब प्रभु श्रीकृष्ण ने जेल में जन्म लिया । कंस भ्रम था कि हमने देवकी के आठवें पुत्र को मार दिया है किंतु काल को कोई टाल नही सकता है ।

जो पुत्र अपने माता पिता की सेवा और रक्षा नही कर सकता है वह कलंक के समान है । अरे अहंकार तो रावण का नही चला । फिर मनुष्य तो कुछ नही है । मनुष्य अगर भगवान को प्राप्त कर सकते है तो केवल भक्ति से । कंस का अत्याचार बढ़ता जा रहा था ।

जब कंस का अत्याचार प्रजा और संत मुनियों पर आखिरी चरण पर पहुँचा तो आकाशवाड़ी हुई कि हे मूर्ख तुम्हे मारने वाले वासुदेव और देवकी का आठवां पुत्र ने जन्म ले लिया है । अब कंस के चेहरे पर भय दिखने लगी । कंस प्रभु श्रीराम को मारने के लिए तरह तरह के हथकण्डे अपनाया ।

इनके साथ मनीष उपाध्याय,राकेश दुबे,आयुष दीक्षित,प्रियांशु उपाध्याय,मुकेश तिवारी ने साज सज्जा में साथ दिया ।

इस दौरान सोनू सिंह,संजय सिंह,पूर्व प्रधान सरिद्वार यादव,लाल बहादुर सिंह,गोलू सिंह, आदि उपस्थित रहे ।

 

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

 

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