राम कथा के पहले दिन राम नाम की महिमा का वर्णन किया गया ।

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चंन्दौली बबुरी 

स्थानीय थाना क्षेत्र के बौरी ग्रामसभा में 36वें वर्ष की सरस संगीतमय श्रीराम कथा के प्रथम दिन कथा वाचक पंडित प्रकाश चंद्र पांडेय ( विद्यार्थी जी) ने कहा कि इस राम नाम की महिमा कभी भी कम नहीं होगी बल्कि दिन-प्रतिदिन इसकी महिमा बढ़ते ही जाएगी। उन्होंने कहा कि राम की महिमा अपरंपार है। प्रभु श्रीराम स्वयं कह गए राम से बड़ा राम का नाम है। जो बात स्वयं राम कह गए वो कैसे गलत हो सकती है। जीवन का आधार ही राम नाम है। हर जगह राम नाम की महिमा का गुणगान है। राम सिर्फ एक नाम नहीं है। राम नाम सबसे बड़ा मंत्र है। राम नाम की महिमा तो ये है की सदाशिव भोले शंकर भी राम नाम जपते रहते हैं।

इसी नाम का वो हर प्रहर जाप करते रहते हैं। संसार चल ही राम नाम से रहा है। सूर्य, चन्द्रमा, अग्नि, वायु सभी में जो शक्ति है वह राम नाम में समाहित है। बच्चे के जन्म में श्री राम के नाम का सोहर होता है। विवाह आदि मांगलिक कार्यों के अवसर पर श्री राम के गीत गाए जाते हैं। यहां तक कि मनुष्य की अंतिम यात्रा में भी राम नाम का ही घोष किया जाता है। राम सब में बड़े हैं। राम में शिव और शिव में राम विद्यमान हैं। श्री राम को शिव का महामंत्र माना गया है और राम सर्वमुक्त हैं। राम सबकी चेतना का सजीव नाम है।

वही हनुमान जी की वीरता का वर्णन करते हुए कहां कि हनुमानजी को “संकटमोचन” कहा जाता है क्योंकि वे भक्तों के सभी कष्टों और बाधाओं को दूर करते हैं। कलियुग में वे एक ऐसे देवता हैं जो भक्तों की तुरंत सहायता करते हैं। उन्होंने कभी भी अपने पराक्रम का श्रेय स्वयं नहीं लिया। सीता से लौटने के बाद उन्होंने कहा, “सो सब तव प्रताप रघुराई। नाथ न कछू मोरि प्रभुताई।” (यह सब तुम्हारा प्रताप है, प्रभु। इसमें मेरी प्रभुता कुछ नहीं है)।

इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह, हरिवंश सिंह, डा भारत भूषण सिंह, प्रभुनाथ सिंह , राजन गुप्ता, मृदुल विश्वास, मनोज सेठ, सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

 

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

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