वाराणसी के गंगा घाट और गंगा की लहरे काशी दर्शन हेतु आने वाले सभी श्रद्धालुओं और सैलानियों को सदैव से आकर्षित करते रहे है जहां उन्हे प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का अवसर मिलता है | इन सभी आगंतुकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एनडीआरएफ वाराणसी के बचावकार्मिक दिन–रात इन घाटों पर तैनात रहते है और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया कर संकटग्रस्त जीवन की सुरक्षा करते है |
पुनः ऐसी ही घटना देखने को मिली जब ललिता घाट के सामने 20 सैलानियों को ले जा रही नाव गंगा की तेज धारा के मध्य फँस गई और अनियंत्रित हो गई | नाव में सवार सभी सैलानी जो देश के अलग अलग स्थानों से काशी आये हुए थे, अपने जीवन को संकट में देख हाथ हिलाकर और शोर मचाकर कर मदद की गुहार लगाने लगे, उसी समय गंगा नदी में गस्त लगा रहे एनडीआरएफ बचाव कार्मिकों ने उन फंसे हुए लोगों के जीवन को संकट में देख, तत्काल प्रतिक्रिया करते हुए अपनी नावों को उनके पास ले गए और उन सभी फंसे हुए 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकल कर ललिता घाट पर पहुंचाया |
एनडीआरएफ बचाव कार्मिकों द्वारा किए गए इस त्वरित और दक्षतापूर्ण बचाव कार्य को ललिता घाट तथा अन्य घाटों पर उपस्थित सभी लोगों ने देखा और इसकी सराहना की |
रिपोर्ट – धनेश्वर साहनी









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