सामाजिक विज्ञान संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025–26 के नवप्रवेशित छात्रों के लिए ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन 17 अक्टूबर 2025 को किया गया।

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इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरुणा कुमारी, संकाय छात्र सलाहकार, के निर्देशन में हुआ तथा इसे स्टूडेंट एडवाइजरी ऑफिस द्वारा सुव्यवस्थित रूप से समन्वित किया गया। दिनभर चलने वाला यह कार्यक्रम नवनिर्वाचित छात्रों को एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालय के जीवंत अकादमिक एवं सांस्कृतिक परिवेश से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. अशोक कुमार उपाध्याय, डीन, सामाजिक विज्ञान संकाय, ने की। कार्यक्रम में प्रो. अनुपम कुमार नेमा, डीन ऑफ स्टूडेंट्स, सहित विभिन्न विभागों के प्रतिष्ठित प्राध्यापकों, विभागाध्यक्षों एवं केंद्रों के समन्वयकों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत छात्रों द्वारा कुलगीत प्रस्तुत किया गया। स्वागत भाषण प्रो. अरुणा कुमारी ने दिया, जिन्होंने छात्रों को संकाय की नीतियों, उद्देश्यों एवं मूल्य प्रणाली से अवगत कराया।

शैक्षणिक सत्र की शुरुआत प्रो. उदय भान सिंह द्वारा संकाय अध्यादेश (FSS Ordinance) पर व्याख्यान से हुई। इसके पश्चात प्रो. तुषार सिंह ने हॉस्टल मैनुअल, तथा प्रो. सीमा तिवारी ने एंटी-रैगिंग उपायों पर अपने विचार व्यक्त किए। आगे प्रो. संदीप कुमार ने खेलकूद गतिविधियों पर चर्चा की, जबकि नित्यानंद तिवारी ने छात्रों को वेल-बीइंग सर्विस सेल की भूमिका से अवगत कराया, जो छात्रों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए कार्यरत है।

 

भोजनावकाश के बाद कार्यक्रम के दूसरे सत्र में विभिन्न केंद्रों के प्रमुखों एवं समन्वयकों ने अपने-अपने विषयों पर प्रस्तुति दी और अंतःविषयक शोध एवं विस्तार गतिविधियों की जानकारी साझा की। तत्पश्चात प्रो. मनीषा मेहरोत्रा ने ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा छात्रों के करियर निर्माण की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके उपरांत प्रो. आर. एन. त्रिपाठी का प्रेरणादायक संबोधन हुआ, जिसमें उन्होंने छात्रों को शैक्षणिक अनुशासन, नैतिक आचरण और सेवा भावना के साथ अपने विश्वविद्यालय जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया।

दिनभर के इस कार्यक्रम का समापन छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गान और धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह दिन प्रेरणा, उत्साह और संस्थागत गौरव से परिपूर्ण रहा।

रिपोर्ट -धनेश्वर साहनी

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