राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे स्वर्णमंडित शिखर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 नवंबर को धर्म ध्वजा फहराएंगे। यह धर्म ध्वजा केसरिया रंग की होगी। इस पर सूर्यवंश के प्रतीक सूर्य और अयोध्या के राजध्वज के रूप में कोविदार वृक्ष का चिह्न अंकित रहेगा। इसके समन्वय के रूप में ओंकार चिह्न भी उकेरा रहेगा।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धार्मिक समिति के अध्यक्ष गोविंददेव गिरि ने कहाकि पांच दिवसीय ध्वजारोहण समारोह अत्यंत मंगलकारी होगा और मंदिरों के पूर्ण होने का प्रतीक होगा। 21 नवंबर से शुरू होने वाले विविध अनुष्ठानों की पूर्णाहुति राम-सीता विवाह की पंचमी के दिन 25 नवंबर को होगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत भी उपस्थित रहेंगे।
गत दिनों ध्वजारोहण समारोह की रूपरेखा पर विमर्श के लिए पुणे से रामनगरी पहुंचे ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि ने बताया कि राम मंदिर की धर्म ध्वजा को लेकर निर्णय ले लिया गया है। त्याग, वीरता और धर्म के प्रतीक केसरिया रंग को ही मान्यता दी गई है।धर्म ध्वजा की लंबाई 22 फीट और चौड़ाई 11 फीट होगी। इस पर अंकित होने वाले तीनों चिह्न धर्म, शक्ति और सत्य के प्रतीक होंगे।
राम मंदिर के साथ ही सभी सात पूरक मंदिरों के शिखर पर भी ध्वजा फहराई जाएगी। गोविंददेव गिरि ने बताया कि पांच दिवसीय अनुष्ठान में राम मंदिर के साथ भगवान शंकर, भगवान गणेश, भगवान सूर्य, मां दुर्गा, मां अन्नपूर्णा, हनुमान जी व शेषावतार लक्ष्मण जी के मंदिरों में भी पंचायतन पद्धति के अनुसार विशेष पूजन-अर्चन व हवन का क्रम चलता रहेगा।










Users Today : 68
Users This Year : 19403
Total Users : 31996
Views Today : 128
Total views : 63564