
पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन द्वारा वरुणा जोन के समस्त सहायक पुलिस आयुक्त, प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारियों के साथ अपराध एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा हेतु क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में निम्न बिन्दुओं पर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए—
*1. अपराध नियंत्रण एवं रोकथाम—*
सभी थाना क्षेत्रों में अपराध की रोकथाम हेतु प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने तथा अपराधियों की गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
*2. वांछित/वारण्टी अभियुक्तों की गिरफ्तारी—*
वांछित, वारण्टी एवं पुरस्कार घोषित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
*3. लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध निस्तारण—*
लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि प्रत्येक विवेचना को साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करते हुए *नियमानुसार निर्धारित 60/90 दिवस की समयावधि के अन्तर्गत निस्तारण* सुनिश्चित किया जाए। अनावश्यक रूप से विवेचनाओं को लंबित न रखा जाए तथा संबंधित अधिकारी नियमित रूप से उनकी समीक्षा करें।
*4. ई-साक्ष्य का प्रभावी उपयोग—*
विवेचनाओं में ई-साक्ष्य का नियमानुसार एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित एवं विधिक प्रक्रिया के अनुरूप संकलित एवं संरक्षित करने हेतु निर्देशित किया गया।
*5. ई-समन की कार्यवाही—*
माननीय न्यायालयों से प्राप्त समन/नोटिस आदि की तामील में ई-समन व्यवस्था का प्रभावी उपयोग करते हुए समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत तामील सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
*6. एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत प्रभावी कार्यवाही—*
अवैध मादक पदार्थों की तस्करी एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत प्रभावी वैधानिक कार्रवाई करने तथा मादक पदार्थों के स्रोत एवं नेटवर्क की जानकारी कर संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
*7. धारा 111 बीएनएसएस के अन्तर्गत निरोधात्मक कार्यवाही—*
अपराध की रोकथाम एवं कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के दृष्टिगत आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित कर *धारा 111 बीएनएसएस के अन्तर्गत नियमानुसार निरोधात्मक कार्यवाही* सुनिश्चित करने तथा ऐसे व्यक्तियों पर प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
*8. गंभीर अपराधों पर विशेष निगरानी—*
हत्या, लूट, चोरी, वाहन चोरी, नकबजनी एवं अन्य गंभीर अपराधों की रोकथाम हेतु संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर प्रभावी गश्त एवं चेकिंग कराने के निर्देश दिए गए।
*9. बीट पुलिसिंग को प्रभावी बनाना—*
बीट आरक्षियों एवं हल्का प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण कर आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों एवं संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी संकलित करने तथा प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
*10. महिला एवं बाल अपराध—*
महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई करने तथा महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के दृष्टिगत सार्वजनिक स्थानों, बाजारों एवं स्कूल-कॉलेज के आसपास प्रभावी पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
*11. जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण—*
थाने पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनकर उसका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए।
*12. गश्त एवं चेकिंग—*
रात्रि गश्त, पैदल गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों की प्रभावी चेकिंग बढ़ाने तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की सतत मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
*13. आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत सुरक्षा व्यवस्था—*
आगामी त्यौहारों एवं महत्वपूर्ण आयोजनों के दृष्टिगत पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता तथा निरंतर भ्रमण एवं गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में पुलिस उपायुक्त द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि *अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है* सभी अधिकारी अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा, तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करते हुए आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास की भावना को और मजबूत करें।










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