रुचिका सिंह विस स्मृति सिंह नीट पेपर लिंक अन्य समेत कई मुद्दों को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर करीब 1 महीने तक चलें धरना प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को हालात तब बदल गया जब हिंसा की स्थिति पैदा हो गई।
आप है कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कुछ और असामाजिंक तत्वों ने प्रधानमंत्री मोदी समेत अन्य नेताओं पर अभद्र टिप्पणियां की थी। खास तौर से दिल्ली के जंतर- मंतर पर रुचिका सिंह नामक युवती नें पीएम मोदी को गाली भी तक दी थी,
इस पर दिल्ली पुलिस ने करीब 10 दिन का इंतजार किया। और नोएडा पुलिस ने रुचिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मीडिया रिपोर्टर्स के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी C.J.P के प्रदर्शन में जंतर- मंतर पर पीएम मोदी को गाली देने वाली नोएडा की युवती रुचिका के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्द हो गई है।
यह कार्रवाई नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में गाजियाबाद की वकील स्मृति सिंह चंदेल के शिकायत पर हुई है। कौन है रूचिका सिंह, रुचिका सिंह सेक्टर, 168 नोएडा की एक सोसायटी में रहती है, कथित सैलून कर्मी रुचिका सिंह यहीं पर काम भी करती है।
पुलिस के अनुसार32 जुलाई 2026के दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान रुचिका सिंह ने प्रधानमंत्री के बारे में अशोभनीय अपमानजनक टिप्पणियां की थी, आप है कि बयान को जानबूझकर विध्देष फैलाने सांप्रदायिक या सामाजिक तनाव पैदा करने या लोक शांति भंग करने की मान्सां से दिया गया था।
किसने कराई एफआईआर इस घटना की शिकायत गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने दिल्ली में दर्ज कराई थी। जिसके आधार पर नोएडा पुलिस नें कार्रवाई शुरू की,
आरोप लगाया गया कि यूवती के इस कृत्य से प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले में आईपीसी के संबंधित धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराएं भी लगाई जा सकती है।
क्या कहना है कि अधिवक्ता स्मृति सिंह का शिकायत में अधिवक्ता स्मृति सिंह की और से कहा गया है कि प्रधानमंत्री का पद राष्ट्र का पद प्रतिनिधित्व करता है और ऐसे बयानों से न केवल पद की गरिमा प्रभावित होती है। बल्कि जनभावनाओ को भी आहत किया जाता है।











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