लखनऊ, 05 अक्टूबर 2025। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा अपने वाराणसी प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विद्युत सुरक्षा, उपभोक्ता सेवाओं, रखरखाव कार्यों, और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता से संबंधित विषयों की विस्तार से समीक्षा की।बैठक के दौरान मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वाराणसी जैसी धार्मिक और पर्यटन नगरी में विद्युत आपूर्ति का सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विश्वसनीय होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवस्था में कोई भी लापरवाही सीधे जनता की सुरक्षा से जुड़ी होती है, इसलिए अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
समीक्षा के दौरान मंत्री श्री शर्मा ने शहर के कई स्थानों पर खुले ट्रांसफार्मर जाली से कवर नहीं होने तथा लटके हुए तारों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी खुले ट्रांसफार्मरों को तुरंत सुरक्षा कवच (जाली कवर) से ढका जाए और लटके हुए व झूलते तारों को व्यवस्थित कर सुरक्षित किया जाए।उन्होंने कहा कि विद्युत सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि वाराणसी की सभी गली या चौराहा विद्युत जोखिम से मुक्त हो।
मंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऊर्जा विभाग और नगर विकास विभाग की एक संयुक्त टीम बनाई जाए, जो शहर में विद्युत सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं का समग्र सर्वेक्षण करे। उन्होंने कहा कि “एक बार में संपूर्ण सुरक्षा और सुधार अभियान चलाते हुए वन टाइम सर्विस ड्राइव” चलाया जाए। इस ड्राइव के तहत खुले ट्रांसफार्मर, झूलते तार, टूटी-फूटी केबल और पुराने विद्युत पोल की पहचान कर उन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से ठीक किया जाए।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह कार्य सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जन सुरक्षा का अभियान है इसके लिए हर जोन और उपकेंद्र स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाए और दैनिक प्रगति रिपोर्ट बनाई जाए।

बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जनता की परेशानी किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार का स्पष्ट लक्ष्य जनसुविधा और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। किसी भी अधिकारी की लापरवाही से यदि जनता को असुविधा या दुर्घटना का खतरा होता है, तो उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर निरीक्षण करें, उपभोक्ताओं से संवाद बनाएं, और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करें।
बैठक में ऊर्जा मंत्री ने वाराणसी एवं आस पास के जनपदों में चल रही विद्युत आधुनिकीकरण परियोजनाओं, जैसे भूमिगत केबलिंग और सबस्टेशन उन्नयन कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएं। इसके साथ ही उन्होंने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को वाराणसी एवं उससे सटे हुए जिलों गाजीपुर आजमगढ़ आदि में हुए नवीन कार्यों की भौतिक परीक्षण कराने के निर्देश दिए।ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों और पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए बिजली आपूर्ति निर्बाध और सुरक्षित रखी जाए, ताकि वाराणसी की पहचान “ऊर्जा सुरक्षित, स्वच्छ और उज्ज्वल नगरी” के रूप में स्थापित हो सके।
बैठक के दौरान पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभू कुमार, सभी अधिशासी अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।











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