तालाब सीमांकन पर सभासद आरती यादव ने उठाए सवाल, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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चन्दौली डीडीयू नगर

मंगलवार को वार्ड संख्या-21 सुभाष नगर की सभासद आरती यादव ने तालाबों के सीमांकन को लेकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) राजीव मोहन सक्सेना को ज्ञापन सौंपकर वर्तमान पैमाइश प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग द्वारा किए जा रहे सीमांकन में निर्धारित नियमों और राजस्व आचार संहिता का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे कई लोगों के मकान प्रभावित हो रहे हैं।

आरती यादव ने बताया कि वार्ड के जिन लोगों को आराजी संख्या 219 से संबंधित नोटिस मिला है, वे तहसील दिवस पर एसडीएम से मिलने पहुंचे थे। उनका कहना है कि तालाब का सीमांकन राजस्व आचार संहिता की धारा 21/24 के तहत किसी स्थायी बिंदु को आधार बनाकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में वर्ष 1862 का रेलवे ट्रैक मौजूद है, जो एक स्थायी बिंदु है और पुराने नक्शों में भी दर्ज है। इसके बावजूद लेखपाल 1882 के नक्शे के आधार पर सीमांकन कर रहे हैं, जिससे कई आवास विवाद के दायरे में आ रहे हैं।

सभासद ने मांग की कि केवल आराजी संख्या 219 ही नहीं, बल्कि वार्ड में मौजूद अन्य छह तालाबों और नगर के सभी 51 तालाबों का भी निष्पक्ष रूप से चिन्हांकन और सीमांकन कराया जाए। उनका कहना है कि पहले सभी तालाबों की सही पहचान हो, उसके बाद ही किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव न हो।

आरती यादव ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय के एक निर्णय में स्पष्ट किया गया है कि तालाबों का सीमांकन स्थायी बिंदु के आधार पर होना चाहिए, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग से मांग की कि जल संरक्षण के उद्देश्य से यदि तालाबों को सुरक्षित किया जाना है तो पहले नगर के सभी तालाबों का निष्पक्ष सर्वे, चिन्हांकन और सीमांकन कराया जाए, जिससे भविष्य में किसी भी नागरिक के साथ अन्याय या भेदभाव की स्थिति उत्पन्न न हो।

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

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