वाराणसी देर रात हुई तेज बारिश ने रविंद्रपुरी क्षेत्र में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार बारिश के कारण पूरे इलाके में जलभराव हो गया है। सड़कें और गलियां पानी से भर गई हैं, जिससे लोगों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है। स्थानीय निवासी पानी में होकर ही अपने घरों तक आने-जाने को मजबूर हैं।
कल देर रात हुई तेज बारिश ने रविंद्रपुरी क्षेत्र में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार बारिश के कारण पूरे इलाके में जलभराव हो गया है। सड़कें और गलियां पानी से भर गई हैं, जिससे लोगों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है। स्थानीय निवासी पानी में होकर ही अपने घरों तक आने-जाने को मजबूर हैं।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि जिस रास्ते में पानी भरा हुआ है, वही मुख्य मार्ग है, जिससे रोजाना सैकड़ों लोग गुजरते हैं। लोग इस पानी में पैदल चलने के साथ-साथ वाहन चलाने में भी भारी परेशानी झेल रहे हैं।स्थानीय नागरिक दिनेश ने बताया कि “हर साल बरसात के मौसम में यही स्थिति बनती है। जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। बारिश रुकने के बाद भी कई दिनों तक पानी गलियों और सड़कों पर भरा रहता है।”
देर रात हुई तेज बारिश ने रविंद्रपुरी क्षेत्र में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार बारिश के कारण पूरे इलाके में जलभराव हो गया है। सड़कें और गलियां पानी से भर गई हैं, जिससे लोगों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है। स्थानीय निवासी पानी में होकर ही अपने घरों तक आने-जाने को मजबूर हैं।
इलाके के लोगों का कहना है कि नगर निगम की ओर से जल निकासी के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन सभी नाकाम साबित हुए। हाल ही में बनी नई सड़क में सीवर के ढक्कनों को बंद कर दिया गया है, जिसके कारण पानी निकल नहीं पा रहा है। कुछ जगहों पर ढक्कन खोले गए हैं, लेकिन अधिकतर स्थानों पर वे अब भी सड़क के नीचे दबे हुए हैं।
कल देर रात हुई तेज बारिश ने रविंद्रपुरी क्षेत्र में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार बारिश के कारण पूरे इलाके में जलभराव हो गया है। सड़कें और गलियां पानी से भर गई हैं, जिससे लोगों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है। स्थानीय निवासी पानी में होकर ही अपने घरों तक आने-जाने को मजबूर हैं।
लोगों ने नगर निगम से जल्द से जल्द जल निकासी की व्यवस्था सुधारने और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि हर साल बरसात में इस तरह की समस्या से राहत मिल सके।
निवासियों का कहना है कि अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में जलभराव की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला










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