“पुलिस सेवा केवल कानून लागू करने का दायित्व नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, सुरक्षा और न्याय स्थापित करने का माध्यम है। एक अधिकारी की वास्तविक पहचान उसकी सत्यनिष्ठा, संवेदनशीलता एवं जनता के प्रति समर्पण से होती है।” – पुलिस आयुक्त ।
पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा 92वीं बैच के 11 DSP प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद स्थापित कर उन्हें कमिश्नरेट वाराणसी की कार्यप्रणाली, आधुनिक पुलिसिंग एवं जनसेवा के मूल्यों से परिचित कराते हुए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त महोदय ने अपने सेवा अनुभव साझा करते हुए अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों हेतु तैयार रहने का संदेश दिया।
संवाद के दौरान निम्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई –
• कमिश्नरेट वाराणसी की प्रशासनिक संरचना, कार्यपद्धति एवं प्रमुख इकाइयों जैसे यातायात प्रबंधन, डायल-112, जल पुलिस, पर्यटक पुलिस, तकनीकी रूप से सशक्त SOG एवं सर्विलांस टीम, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन प्रणाली, सीसीटीवी कन्ट्रोल रूम, VVIP सुरक्षा व्यवस्था आदि की कार्यशैली से प्रशिक्षु अधिकारियों को अवगत कराया गया।

• विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी वाराणसी की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए बताया गया कि तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा हेतु संवेदनशील, सतर्क एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग अत्यंत आवश्यक है।
• श्रावण माह, देव दीपावली एवं प्रयागराज में आयोजित कुम्भ मेले के दौरान पलट-प्रवाह की स्थिति में आने वाले श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए उनके सुगम आवागमन, स्नान, दर्शन-पूजन एवं समुचित भीड़ प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई ।
• प्रशिक्षण अवधि को अधिकारी के सेवा जीवन की आधारशिला बताते हुए कहा गया कि विभिन्न जनपदों एवं इकाइयों में प्राप्त अनुभव भविष्य की जटिल परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित करते हैं तथा नेतृत्व कौशल को परिपक्व बनाते हैं।
• पुलिस सेवा को जनसेवा का सर्वोच्च माध्यम बताते हुए प्रत्येक अधिकारी को जनता के लिए सहज, सुलभ, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनने के लिए प्रेरित किया गया।
• ईमानदारी, नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा एवं सत्यनिष्ठा को एक उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी की वास्तविक पहचान बताते हुए स्वयं को निरंतर अद्यतन एवं परिष्कृत कर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया गया।
• कार्यक्रम के समापन पर पुलिस आयुक्त महोदय ने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ सामूहिक भोजन किया तथा मोमेन्टो प्रदान कर टीम भावना, अनुशासन एवं समर्पण के साथ कार्य करते हुए उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं प्रदान कीं।

दिनांक 03.07.2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल से 92वीं बैच के 11 DSP प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त महोदय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद स्थापित करते हुए उन्हें कमिश्नरेट वाराणसी की कार्यप्रणाली, आधुनिक पुलिसिंग, जनसेवा एवं नेतृत्व क्षमता के विविध आयामों से अवगत कराया। अपने सेवा अनुभव साझा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों का दृढ़ता, संवेदनशीलता एवं व्यावसायिक दक्षता के साथ सामना करने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल कानून लागू करने का दायित्व नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, सुरक्षा और न्याय स्थापित करने का माध्यम है। संवाद के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों को यातायात प्रबंधन, डायल-112, जल पुलिस, पर्यटक पुलिस, SOG एवं सर्विलांस टीम, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन प्रणाली तथा VVIP सुरक्षा व्यवस्था सहित कमिश्नरेट की विभिन्न इकाइयों की कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया।
साथ ही श्रावण मास, देव दीपावली एवं महाकुम्भ जैसे विशाल आयोजनों के दौरान प्रभावी भीड़ प्रबंधन, जनसंपर्क एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग के व्यावहारिक अनुभव साझा किए गए। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी गौरव बंशवाल, पुलिस उपायुक्त सुरक्षा अनिल कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, अपर पुलिस उपायुक्त प्रोटोकॉल जंग बहादुर यादव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे ।










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