वाराणसी।
किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी रोकने के लिए जिले में बुधवार को व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। शासन के निर्देश पर गठित संयुक्त टीमों ने साधन सहकारी समितियों, पीसीएफ विक्रय केंद्रों, इफको सेवा केंद्र, आईएफएफडीसी, औद्यानिक समिति व निजी उर्वरक विक्रेताओं के 39 केंद्रों की जांच की।जिलाधिकारी के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी ने दो टीमों का गठन किया।

टीम-1 में उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल व परियोजना अधिकारी-नेडा शशि कुमार गुप्ता को हरहुआं, आराजीलाइन, काशीविद्यापीठ व चिरईगांव ब्लॉक सौंपे गए। टीम-2 में वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-1 रोहित कुमार सिंह व मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य राजेन्द्र कुमार को चोलापुर, पिंडरा, बड़ागांव व सेवापुरी ब्लॉक आवंटित किए गए।छापे के दौरान उर्वरक निरीक्षकों ने गुणवत्ता परीक्षण के लिए 23 उर्वरक नमूने लिए। निरीक्षण में दुकान बंद मिलने पर मिश्रा ट्रेडर्स-मंगारी, अभय बीज भंडार-पिंडरा व साधन सहकारी समिति-फुलपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया
सभी उर्वरक विक्रेताओं को दुकान पर रेट बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। बोर्ड पर उर्वरकों का निर्धारित मूल्य और सरकारी सब्सिडी का विवरण स्पष्ट होना चाहिए। किसानों को खतौनी के अनुसार पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाकर तय दर पर ही उर्वरक देने को कहा गया। तय दर से अधिक पर बिक्री या अवैध रूप से पीओएस से उर्वरक खारिज करने पर उर्वरक गुण नियंत्रक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने बताया कि जिले में यूरिया व डीएपी उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसी क्षेत्र में कमी नहीं है। उर्वरक संबंधी समस्या के लिए किसान विकास भवन के चतुर्थ तल, कमरा नंबर-402 में स्थापित उर्वरक कंट्रोल रूम नंबर 7007259547 व 9369560120 पर कार्य दिवस में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।











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