उपराज्यपाल (LG) की स्वीकृति के बाद इसे 1 जुलाई से लागू किए जाने की तैयारी है। यह नीति 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी और राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदूषण में कमी लाने तथा स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य रखती है।
नई ईवी पॉलिसी के तहत अगले चार वर्षों में ₹7,000 करोड़ ईवी प्रोत्साहन (इंसेंटिव) पर तथा ₹8,000 करोड़ ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर और कर रियायतों पर खर्च किए जाएंगे। नीति के अनुसार दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर ₹30,000 तक, तिपहिया वाहनों पर ₹50,000 तक तथा ₹30 लाख तक के शुद्ध (Pure) इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहनों और इलेक्ट्रिक ट्रकों पर ₹1 लाख तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
इसके अलावा BS-4 वाहनों के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है तथा राजधानी में 32,000 चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे। वहीं, अंतिम रूप से स्वीकृत ईवी पॉलिसी में हाइब्रिड वाहनों के लिए किसी प्रकार के प्रोत्साहन का प्रावधान नहीं रखा गया है।











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