वाराणसी।
रोहनिया थाना क्षेत्र में रविवार देर रात पुलिस और स्वाट-एसओजी की संयुक्त टीम की शातिर बदमाशों से भीषण मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो इनामी बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि मौके से कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए बदमाश 8 जून को अवलेशपुर में हुए चर्चित किराना व्यवसायी जितेंद्र कुमार हत्याकांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे हैं।
घेराबंदी होते ही पुलिस पर झोंकी गोलियां
एडीसीपी वरुणा लिपि नागायच ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्याकांड में शामिल शूटर अवलेशपुर इलाके में मौजूद हैं। सूचना पर रोहनिया पुलिस और एसओजी टीम ने घेराबंदी की, लेकिन खुद को घिरता देख बदमाशों ने अवैध असलहों से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें दो बदमाशों के पैर में गोली लगी। घायल बदमाशों की पहचान गोलू पटेल उर्फ माफिया और ज्ञान पटेल के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से अवैध तमंचे और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं।

80 लाख की जमीन बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक जितेंद्र कुमार ने कुछ समय पहले अपनी एक जमीन 80 लाख रुपये में बेची थी। इसी रकम के बंटवारे को लेकर उनका अपने भाइयों और करीबी लोगों से विवाद चल रहा था।
आरोप है कि जितेंद्र के बैंक खाते में जमा रकम हड़पने के लिए उनके करीबियों ने ही हत्या की साजिश रची। जब जितेंद्र ने पैसे देने से इनकार किया तो सुपारी देकर उनकी हत्या करा दी गई।
मिर्जापुर से बुलाए गए थे शूटर
पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ में घायल दोनों शूटरों के अलावा तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी अहरौरा क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस अब इस हत्याकांड में शामिल अन्य साजिशकर्ताओं और मददगारों की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस को बड़ी सफलता
रोहनिया पुलिस, स्वाट और एसओजी की इस संयुक्त कार्रवाई को वाराणसी पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। चर्चित कारोबारी हत्याकांड का खुलासा होने के साथ ही पुलिस अब पूरे साजिश नेटवर्क को बेनकाब करने में जुटी है।










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