-महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यकक्षता में हुई कार्यकारिणी की बैठक मे नगर निगम का ऐतिहासिक फैसला

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वाराणसी :

नगर निगम शहर में बुनियादी सुविधाओं को और सुदृढ़ करने में जुटा हुआ है। दूसरी ओर सीवर, पानी, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा उठान, सिल्ट उठान, सहित अन्य शिकायतों का त्वरित समाधान कराने का भी प्रयास कर रहा है। इस क्रम में शनिवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में निगम के सभागार में हुई कार्यकारिणी की बैठक में बुनियादी समस्याओं का समाधान महज चार घंटे के भीतर करने का निर्णय लिया गया। शिकायत दर्ज कराने के लिए सुबह दस से शाम चार बजे तक का समय निर्धारित किया जाएगा।

बैठक में कई ऐतिहासिक प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई, जिसमें सबसे प्रमुख निर्णय यह लिया गया कि शहरवासियों की बुनियादी समस्याओं का समाधान अब शिकायत दर्ज होने के महज चार घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। यदि यह प्रयोग पूरी तरह सफल रहता है, तो वाराणसी पूरे उत्तर प्रदेश का ऐसा पहला नगर निगम बन जाएगा, जो मात्र चार घंटे के भीतर जनशिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण करने का रिकॉर्ड अपने नाम करेगा।

इस महत्वाकांक्षी योजना को तत्काल पूरे शहर में लागू करने के बजाय पहले प्रयोग (पायलट प्रोजेक्ट) के तौर पर शुरू किया जाए। इसके लिए गंगा घाट से सटे हुए राजघाट से लेकर अस्सी घाट तक के कुल 25 वार्डों को चिह्नित जाएगा। नागरिकों की सहूलियत के लिए जल्द ही एक विशेष फोन नंबर (हेल्पलाइन) जारी करने जा रहा है। इस पूरी व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए सात जुलाई की समय सीमा तय की गई है, यानी आगामी सात जुलाई से इन 25 वार्डों के निवासी इस त्वरित सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

बैठक में महापौर ने स्पष्ट किया कि इन चिन्हित वार्डों में इस व्यवस्था की सफलता और इसके अनुभवों को देखने के बाद, इसे चरणबद्ध (क्रमश:) तरीके से नगर निगम के अन्य सभी वार्डों में भी लागू कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों के जरिए शिकायतों के निस्तारण की इस चार घंटे की अवधि को और भी धीरे-धीरे कम किया जाएगा, ताकि जनता को त्वरित राहत मिल सके। बैठक में नगर निगम अधिनियम की धारा 91 (1) के तहत उपसभापति नरसिंह दास द्वारा रखे गए प्रस्ताव पर विचार करते हुए कार्यकारिणी ने शासन द्वारा जारी की गई जन्म-मृत्यु की नई नियमावली-2026 को सर्वसम्मति से अपनी मंजूरी दे दी।

इस क्रम में धारा 91 (2) के अंतर्गत वरिष्ठ पार्षद हनुमान प्रसाद ने बैठक में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में प्रशासनिक स्तर पर हो रही अत्यधिक देरी का मुद्दा उठाया। इस पर कार्यकारिणी में शहर के सभी छोटे-बड़े अस्पतालों के लिए आठ घंटे के भीतर जन्म -मृत्यु की सूचना को मांगने का निर्देश दिया।

इसके तहत निजी अस्पतालों को आनलाइन पोर्टल के माध्यम से माता-पिता का नाम, फोटो, आधार कार्ड की फोटो कापी, बच्चे की फोटो सहित कुछ अन्य जानकारी निगम को मुहैया करानी होगी। कार्यकारिणी ने यह व्यवस्था त्वंरित जन्म -मृत्यु प्रमाणत्र जारी करने के लिए लागू किया है ताकि आमजनमानस को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए जोनल या मुख्यालय का चक्कर न काटना पड़े। हालांकि शहर के करीब 150 से अधिक अस्पतालों को सीधे अपने स्तर से जन्म प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा पहलें से ही है।

25 हजार पौधा रोपने का लक्ष्य

नगर निगम अधिनियम की धारा 91(2) के तहत ही शहर के बुनियादी ढांचे, पर्यावरण संरक्षण, मानसून पूर्व तैयारियों और जन-सुविधाओं से जुड़े कई गंभीर व संवेदनशील मुद्दों पर पार्षदों और अधिकारियों के बीच विस्तृत व गहन चर्चा हुई। उपसभापति नरसिंह दास ने काशी को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए एक बड़ा प्रस्ताव रखा।

उन्होंने कहा कि नगर निगम की सीमा के अंतर्गत आने वाले रिंग रोड व हाईवे के किनारों के साथ-साथ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, बीएलडब्ल्यू और अन्य बड़े कॉलेजों के परिसर में पड़ी खाली भूमि पर बड़े पैमाने पर सघन वृक्षारोपण अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि हाईवे के किनारे प्रत्येक 100-100 मीटर की दूरी पर नीम, पाकड़, पीपल और अन्य छायादार व पारंपरिक पौधों की विभिन्न किस्में लगाई जाएं, ताकि काशी की हरियाली और सुंदरता में चार चांद लग सके।

कार्यकारिणी ने इस प्रस्ताव की सराहना करते हुए आगामी 15 जुलाई से पूरे शहर में व्यापक स्तर पर प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम के तहत वृक्षारोपण अभियान शुरू करने पर अपनी सहमति दे दी। इस वर्ष निगम ने ट्री-गार्ड की सुरक्षा के साथ कुल 25,000 पौधे रोपने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही यह कड़ा नियम भी बनाया गया है कि रोपे जाने वाले पौधों की लंबाई कम से कम छह फीट की होनी चाहिए, ताकि उनके जीवित रहने की दर अधिक हो।

शहर में शिवपुर सहित तीन स्थानों पर विकसित होंगे फल मंडी

बैठक में वरिष्ठ पार्षद प्रवीण राय ने भेलूपुर स्थित जलकल विभाग की खाली पड़ी जमीन पर प्रस्तावित भव्य पार्क एवं फल मंडी के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगामी दिसंबर माह तक हर हाल में पूरा कराने की मांग रखी। साथ ही उन्होंने शिवपुर में प्रस्तावित फल मंडी का कार्य भी अगले चार महीने के भीतर पूर्ण कराने का प्रस्ताव पटल पर रखा। इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को अवगत कराया कि शिवपुर में फल मंडी विकसित करने की प्रशासनिक प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया गया है और इसे समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

छ्ह माह में आनलाइन होगा पीला कार्ड, घर बैठे आनलाइन की सुविधा

बैठक कार्यकारिणी सदस्य अशोक मौर्या ने संपत्तियों के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) से जुड़ा एक महत्वपूर्ण जनहित का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि दाखिल-खारिज की धारा 213 के तहत नोटिस जारी होने के उपरांत निगम के सभी जोनों पर जनता को ‘पीला कार्ड की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराई जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और कोई परेशानी न हो।

इस पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को आश्वस्त किया कि सभी जोनों से ‘पीला कार्ड’ सुगमता से जारी कराने की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि निगम अब ‘पीला कार्ड’ की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है, ताकि कोई भी भवन स्वामी घर बैठे ही इसे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से डाउनलोड कर सके।

वहीं पार्षद हनुमान प्रसाद और राज कपूर चौधरी ने क्रमश: सलारपुर और पहड़िया क्षेत्र का मामला उठाते हुए बताया कि इन दोनों स्थानों पर विद्युत उपकेंद्र (सबस्टेशन) बनाने के लिए जो भूमि नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराई गई थी, उसे पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने तकनीकी या अन्य कारणों से होल्ड कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब इन दोनों प्रस्तावित स्थानों पर बिजली का उपकेंद्र नहीं बनना है।

इस महत्वपूर्ण सूचना पर तत्काल निर्णय लेते हुए और भू-माफियाओं व अवैध कब्जेदारों से सरकारी जमीन की रक्षा करने के उद्देश्य से नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सलारपुर और पहड़िया दोनों ही स्थानों पर मौजूद पौने आठ-पौने आठ बिस्वा जमीन को तत्काल अपने प्रत्यक्ष कब्जे में लेने का निर्देश दिया। इसके चारों तरफ बाउंड्रीवॉल या फेंसिंग कराई जाए ताकि इस बेशकीमती सरकारी जमीन पर कोई भी असामाजिक तत्व अनाधिकृत रूप से कब्जा न कर सके। भविष्य में इस भूमि का उपयोग नगर निगम की अन्य जनोपयोगी परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। वहीं,

संस्थागत सुधार के लिए नियुक्त होंगे विशेषज्ञ और तकनीकी सहायक

नगर निगम की कार्यप्रणाली को कॉर्पोरेट और पेशेवर तर्ज पर विकसित करने तथा प्रमुख परियोजनाओं को समय पर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए कार्यकारिणी ने कई महत्वपूर्ण पदों पर विशेषज्ञों की नियुक्ति को हरी झंडी दी है। नगर निगम अपनी संस्थागत क्षमता में वृद्धि करने के उद्देश्य से क्रय एवं निविदा विशेषज्ञ, डिजिटलीकरण एवं ई-गवर्नेंस विशेषज्ञ, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञों की संविदा पर नियुक्ति करने जा रहा है।

शुरुआती चरण में इन सभी उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की नियुक्ति एक वर्ष की अवधि के लिए की जाएगी, जिसे उनके प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त निगम के कानूनी और संपत्ति संबंधी मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए तहसीलदारों की नियुक्ति विधि अधिकारी और संपत्ति अधिकारी के रूप में करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। वहीं शहर की प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए आलोक विभाग में आउटसोर्सिंग के माध्यम से ‘तकनीकी सहायक की नियुक्ति को भी कार्यकारिणी ने अपनी प्रशासनिक व वित्तीय मंजूरी प्रदान कर दी।

शहर में मानसून के दौरान होने वाले जलजमाव की विकट और पुरानी समस्या को लेकर महापौर बेहद सख्त नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे शहर में जलजमाव वाले हॉटस्पॉट (संवेदनशील स्थलों) को तत्काल चिह्नित किया जाए। उन स्थानों पर तत्काल प्रभाव से सक्शन मशीनें तैनात की जाएं, गली पिट की सफाई सुनिश्चित हो और जल निकासी की पूरी व्यवस्था को युद्धस्तर पर दुरुस्त किया जाए।

महापौर ने चेतावनी दी कि जलजमाव या ड्रेनेज को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं भी जनता को जलजमाव का सामना करना पड़ा, तो संबंधित क्षेत्र के अवर अभियंता , सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता की सीधी जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

स्थापित होगा कंट्रोल रूम जारी होगा हेल्पलाइन नंबर

पार्षद राजकपूर चौधरी ने बरसात के आगामी मौसम को देखते हुए एक बेहद व्यावहारिक सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जनजीवन सुचारू रूप से चलता रहे, इसके लिए नगर निगम मुख्यालय में एक ‘केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाना चाहिए। इस कंट्रोल रूम में सामान्य विभाग, आलोक (प्रकाश) विभाग और जलकल विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की 24 घंटे शिफ्टवार तैनाती की जाए और एक एकीकृत हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए, ताकि नागरिक किसी भी आपात स्थिति में सीधे संपर्क कर सकें।

पार्षद मदन मोहन तिवारी ने शहर की बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों और उनके रखरखाव में हो रही देरी का गंभीर प्रकरण सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि ईएसएल कंपनी का पुराना अनुबंध समाप्त होने के बाद अब तक नए ठेकेदार का चयन न होने से कई इलाकों में अंधेरा पसरा हुआ है। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए नगर आयुक्त ने बताया कि नई कंपनी के चयन के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और जुलाई के प्रथम सप्ताह तक टेंडर खुलने की पूरी संभावना है, जिसके बाद प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर आ जाएगी। मदन मोहन तिवारी ने नगर निगम के स्मार्ट काशी एप पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि इस एप पर दर्ज होने वाली जनता की शिकायतों के निस्तारण का अनुपात और गुणवत्ता बेहद कम है, इसलिए इस पूरी डिजिटल व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त कर अधिकारियों को इसके प्रति उत्तरदायी बनाया जाना चाहिए। हालांकि, नगर आयुक्त ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि ‘स्मार्ट काशी ऐप’ पर दर्ज शिकायतों का निस्तारण वर्तमान में काफी संतोषजनक है, फिर भी इसमें और सुधार किया जाएगा।

बैठक में पार्षद सुशील गुप्ता ने चितईपुर से अमरा रोड पर अत्यधिक जलजमाव की भयावह समस्या से राहगीरों और स्थानीय निवासियों को निजात दिलाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नगर निगम को तत्काल लोक निर्माण विभाग से बेहतर समन्वय स्थापित कर वहां सक्शन मशीन लगानी चाहिए और जल निकासी का कोई पुख्ता व स्थायी प्रबंध करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने शहर में सफाई कर्मचारियों की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों की कमी के कारण वार्डों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग रहे हैं।

इस पर संज्ञान लेते हुए महापौर ने घोषणा की कि वह स्वयं जुलाई के द्वितीय सप्ताह से शहर के सभी वार्डों का वार्डवार औचक निरीक्षण करेंगे, ताकि धरातल पर मौजूद कमियों को तत्काल दूर कराया जा सके। पार्षद अमरदेव यादव ने पार्कों के रख-रखाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शहर के विभिन्न पार्कों में बेतरतीब तरीके से बढ़े हुए पेड़-पौधों की छंटाई (प्रूनिंग) का कार्य आगामी 10 दिनों के भीतर अभियान चलाकर पूरा किया जाए, ताकि पार्कों की सुंदरता बढ़े और पेड़ों की उचित ग्रोथ भी सुनिश्चित हो सके।

पार्षद माधुरी सिंह ने पर्यावरण के नाम पर होने वाली खानापूर्ति को रोकने और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से पिछले दो वित्तीय वर्षों में हुए वृक्षारोपण का पूरा हिसाब मांग लिया। उन्होंने मांग रखी कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगाए गए 8,000 पौधों और वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगाए गए 12,000 पौधों (कुल 20,000 पौधे) का विधानसभावार और वार्डवार पूरा प्रामाणिक डेटा, वर्तमान में जीवित पौधों की वास्तविक संख्या तथा उनके चारों तरफ लगाए गए ट्री-गार्ड की उपलब्धता की विस्तृत सूची सभी पार्षदों को पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जाए।

इस पर उद्यान प्रभारी कृष्ण चंद्र ने सदन को आश्वस्त किया कि आगामी दो दिनों के भीतर वह पूरी प्रामाणिक सूची तैयार कर सभी पार्षदों के साथ साझा कर देंगे।पार्षद सुशीला ने मानसून के दौरान सड़कों पर होने वाले जलभराव और कीचड़ से जनता को बचाने के लिए एक बेहद कड़ा प्रस्ताव रखा।

उन्होंने कहा कि जलकल विभाग, सी.एम. ग्रिड एवं अन्य कार्यदायी संस्थाओं और विभागों द्वारा शहर की सड़कों पर पाइपलाइन या केबल डालने के लिए जो भी खुदाई का कार्य वर्तमान में चल रहा है, उसे आगामी 15 जुलाई से पहले हर हाल में पूर्ण कराकर सड़कों की मरम्मत करा दी जाए, ताकि बरसात के दिनों में जनता को आवागमन में कोई असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। इसके लिए उन्होंने समस्त सरकारी विभागों के बीच एक बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यकाल पूरा होने पर छह कार्यकारिणी सदस्यों को दी विदाई

बैठक के अंत में भावुक कर देने वाले क्षण भी आए, जब नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्यों का दो वर्ष का निर्धारित कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा होने पर उन्हें सदन द्वारा औपचारिक और भावभीनी विदाई दी गई। महापौर, नगर आयुक्त और अन्य पार्षदों ने उनके द्वारा पिछले दो वर्षों में नगर के विकास और जनहित में दिए गए बहुमूल्य योगदान की भूरि-भूरि सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जिन सदस्यों को विदाई दी गई, उसमें उपसभापति नरसिंह दास, कार्यकारिणी सदस्य अमरदेव यादव, राजेश यादव ‘चल्लू’, प्रमोद राय, सुशील कुमार गुप्ता और हनुमान प्रसाद शामिल हैं।

इनकी रही उपस्थिति

बैठक में उपसभापति नरसिंह दास, कार्यकारिणी सदस्यों में अमरदेव यादव, राजेश यादव चल्लू, हनुमान प्रसाद , प्रवीण राय, सुशील गुप्ता योगी, मदन मोहन तिवारी, राजकपूर चौधरी, माधुरी सिंह, सुशीला देवी, अशोक मौर्या, उपस्थित रहे।

इसके अलावा अपर नगर आयुक्त सीमा पांडेय, अमित कुमार, दुर्गेश मिश्रा, संयुक्त नगर आयुक्त जितेद्र कुमार आनंद, कृष्ण चंद्र, सहायक नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, उद्यान अधीक्षक डा. वीके सिंह, मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र , उद्यान प्रभारी कृष्ण चंद्र, सीएफओ मनीष शुक्ला, सीटीओ कुमार असीम रंजन, शिखा मौर्या, मुख्य नगर लेखा परीक्षक संजय प्रताप सिंह, परिवहन प्रभारी सुमन पंत सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

 

रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी

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