वाराणसी, 7 जून 2026।
माँ गंगा के पावन तट पर स्थित अपना घर आश्रम, सामनेघाट-गढ़वाघाट रोड, मलहिया, वाराणसी में रविवार को “भिक्षा वृत्ति मुक्त वाराणसी” विषय पर एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी एवं वयोश्री योजना अंतर्गत दिव्यांग सहायक उपकरण वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भिक्षावृत्ति उन्मूलन, पुनर्वास, कौशल विकास तथा समाज के वंचित एवं दिव्यांग वर्ग के कल्याण हेतु चलाए जा रहे प्रयासों पर व्यापक चर्चा किया गया।।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर सिंह उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए प्रशासन एवं सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

विचार गोष्ठी का शुभारंभ स्वागत उद्बोधन के साथ हुआ। इसके उपरांत विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। अनिल जाजोदिया ने “भिक्षावृत्ति : कारण एवं निवारण” विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भिक्षावृत्ति केवल आर्थिक समस्या नहीं बल्कि सामाजिक, शैक्षिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों से भी जुड़ी हुई है। इसके प्रभावी समाधान के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा।
“भिक्षा वृत्ति उन्मूलन : रेस्क्यू एवं पुनर्वास की चुनौतियाँ” विषय पर श्री रवि उपाध्याय ने अपने विचार रखते हुए बताया कि भिक्षावृत्ति में संलग्न व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु निरंतर प्रयास, समन्वय और संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है। वहीं एनसीईआरटी के पूर्व निदेशक एवं डीन रिसर्च ने भिक्षावृत्ति उन्मूलन में कौशल विकास एवं पुनर्वास की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की तथा स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
“स्माइल परियोजना भारत सरकार : एक दृष्टि” विषय पर जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश दवे ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके बाद डॉ. के. निरंजन ने “भिक्षा वृत्ति मुक्त वाराणसी : संकल्पना एवं परिणति” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए काशी को भिक्षा वृत्ति मुक्त बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों एवं भविष्य की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में सीआरसी वाराणसी के निदेशक आशीष झा ने “वयोश्री योजना” की विस्तृत जानकारी देते हुए वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को मिलने वाली सुविधाओं एवं सहायक उपकरणों के महत्व को बताया। इसके बाद प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित जनों ने विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न रखे और विशेषज्ञों ने उनके समाधान प्रस्तुत किए।
* विचार गोष्ठी के उपरांत मुख्य अतिथियों द्वारा वयोश्री योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। साथ ही भिक्षावृत्ति से पुनर्वासित एवं विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से आत्मनिर्भर जीवन जी रहे प्रभुजनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनकी सफलता की कहानियों ने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया।
*कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री ओ.एन. उपाध्याय ने की। अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने अल्पाहार प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम का समापन समाज को भिक्षा वृत्ति मुक्त एवं समावेशी बनाने के संकल्प के साथ सायं 6 बजे सम्पन्न हुआ।










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