वाराणसी।
कभी अपराधी अंधेरे का सहारा लेकर कानून को चुनौती देते थे,लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।गोमती जोन में कानून का ऐसा पहरा है कि गुनहगार नाम सुनते ही रास्ता बदल रहे हैं। पुलिस की सख्ती और जनता के विश्वास ने अपराधियों की नींद और चैन दोनों छीन लिए हैं।
डीसीपी नीतू कादयान और एडीसीपी नृपेंद्र कुमार के नेतृत्व में चल रहा अभियान अपराधियों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं। पुलिस की नजर जहां पड़ती है,वहां अपराध का खेल ज्यादा देर नहीं चल पाता। बेटियों की सुरक्षा,महिलाओं का सम्मान और जनता का विश्वास ही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है।
जो बेटियों की राह में दीवार बन जाएगा वो कानून के शिकंजे में गिरफ्तार हो जाएगा।
जो समझेगा खुद को बहुत बड़ा खिलाड़ी,उसकी हेकड़ी उतार देगी खाकी की तैयारी।
अपराधियों के दिल में खौफ का सामान है,क्योंकि गोमती जोन में कानून का फरमान है।
न रिश्वत का कारोबार चलेगा,न गुंडों का राज होगा,खाकी जब मैदान में उतरेगी,हर गुनहगार नाराज होगा।
यह काशी है जनाब,यहां न्याय की मशाल जलती है,खाकी की एक दस्तक से अपराधियों की दुनिया हिलती है।जो जनता को डराएगा*वो खुद डरकर भागेगा,कानून का पहिया घूमेगा तो हर अपराधी जागेगा।
चटकदार समापन “खाकी की हुंकार सुनकर कांप रहे हैं गुनहगार गोमती जोन में कानून का पहरा है दमदार। बेटियां बेखौफ,जनता खुशहाल अपराधियों के लिए हर दिन बन रहा है काल!”










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