इस बीच वक्ताओं ने कहा आज समस्त विश्व का जागतिक आधार तैयार हो रहा है जिसमे इंसानियत की मूल्य पर नव मानव वैज्ञानिक सोच एवं धर्म की कट्टरता के स्थान पर धार्मिकता के भाव को लिए संचरण करेगा। भगवान बुद्ध ने पंचशील से युक्त ऐसे की मानव को खड़ा करने का न केवल सैद्धांतिक आधार दिया था बल्कि स्वयं को तदनुरूप असभ्यस्त कर लाखों- करोड़ों लोगों का पंचशील गुण संपन्न किया था और इस सैद्धांतिक आधार का संबल लेकर महान सम्राट अशोक ने एक विशाल धम्म राष्ट्र खड़ा किया
जो संचार विहीन उस युग में भी मद्धेशिया तक एक झंडे के नीचे रहा विश्व सम्राट अशोक की बुनियादी सिद्धांतों पर ही खड़ा हो सकता है जहां इंसान सुख व दुःख दोनों को शहर स्वीकार कर लेगा क्योंकि दोनों की सापेक्षता व निस्सारता का उसे बोध होगा और जहां आज पूरे विश्व में भगवान बुद्ध के विचारों को लोग मानते हैं गोमुख से लेकर के गंगासागर के बीच मात्र एक बौद्ध विहार गंगा तट के किनारे है वही वाराणसी /चन्दौली बंदरगाह के करीब में बने बौद्ध विहार को सरकार की दोहरी नीति के कारण उसको उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है
और बौध्द अनुयायियों द्वारा किसी भी कीमत पर बौद्ध विहार को उजाड़ने नहीं देंगे चाहे उसके लिए कुछ भी करना पड़े संस्था के पदाधिकारी कार्य समिति के लोगों का सर्वसम्मति से पास हुआ जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक धरना चलता रहेगा आज के धरने में मुख्य रूप से पूज्य भंते बुद्ध ज्योति अमरेश प्रसाद कुशवाहा विद्याधर मौर्य गोपाल मौर्य प्रधान पवन मौर्य रमेश मौर्य प्रबंधक संतराम मौर्य सतनारायण चंद्रप्रकाश राम सूरत विनय मौर्य कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र सिंह मौर्य ने किया भारी संख्या में लोग मौजूद थे ।











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