हमें भरोसा है कि हम कम से कम नुकसान के साथ इन झटकों का सामना कर लेंगे।”
उन्होंने कहा, “पिछले कुछ महीनों में, ग्लोबल अर्थव्यवस्था में काफ़ी अनिश्चितता रही है, अहम व्यापारिक रास्तों और सप्लाई चेन में रुकावटें आई हैं, बाज़ार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है और बिज़नेस को लेकर सावधानी का माहौल रहा है। मैं सबसे पहले इस बात पर ज़ोर देना चाहूँगा
कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने ग्लोबल उथल-पुथल के इस दौर में पहले के ऐसे ही दौरों की तुलना में कहीं बेहतर बुनियादी मज़बूती के साथ प्रवेश किया है। हमें भरोसा है कि हम कम से कम नुकसान के साथ इन झटकों का सामना कर लेंगे।”











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