हीटवेव में धुआंधार बिजली कटौती से बेहाल चकिया-शहाबगंज, 45-47 डिग्री तापमान में जनजीवन अस्त-व्यस्त

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चंदौली शहाबगंज

जनपद के चकिया और शहाबगंज क्षेत्र इन दिनों भीषण बिजली संकट से जूझ रहे हैं। एक ओर आसमान से आग बरस रही है तो दूसरी ओर लगातार हो रही बिजली कटौती ने ग्रामीणों और नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। क्षेत्र में पिछले कई महीनों से जारी धुआंधार बिजली कटौती को लेकर अब लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है।

ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच बिजली विभाग की लापरवाही लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। तापमान जहां 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, वहीं बिजली के नाम पर केवल 10-10 मिनट सप्लाई देकर घंटों कटौती की जा रही है। इससे लोगों के स्वास्थ्य, व्यवसाय, खेती-किसानी और बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चकिया उपकेंद्र तथा शहाबगंज उपकेंद्र से संचालित विद्युत आपूर्ति के माध्यम से वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों गांवों में बिजली दी जाती है। इनमें शहाबगंज, इलिया, सिंघर, मुबारकपुर, हिनौती, अलीपुर, अमांव, रोहाखी, भोड़सर, भूसी, केरायगांव, सारींगपुर, बिलासपुर, पहाड़पुर, शेरपुर, ठेकहा, राममाड़ो, बड़ौरा और केराडीह समेत अनेक गांव शामिल हैं। लेकिन इन इलाकों में लगातार हो रही भारी कटौती से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि दिन में लोग पेड़ों की छांव में बैठकर समय काटने को मजबूर हैं, जबकि रात में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। उमस और गर्मी के कारण छोटे बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन तथा अन्य बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि बिजली संकट ने सामान्य जीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

क्षेत्रीय निवासी धर्मेंद्र चौहान, प्रेम केसरी, गौतम, रमेश, सोनू, अजीत, लवकुश और कमलेश समेत अन्य लोगों ने बताया कि इस भीषण गर्मी में भी पर्याप्त बिजली न मिलना विभागीय नाकामी को साफ दर्शाता है। लोगों ने सवाल उठाया कि जब सरकार “हर घर बिजली” और “स्मार्ट व्यवस्था” के बड़े-बड़े दावे करती है तो आखिर जमीनी स्तर पर जनता को राहत क्यों नहीं मिल रही है।

वहीं जब इस मामले में चकिया विद्युत उपकेंद्र के एसडीओ संतोष कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कटौती स्थानीय स्तर से नहीं हो रही है, बल्कि यह सीधे लखनऊ कंट्रोल से प्रभावित हो रही है।

इसी संबंध में अधिशासी अभियंता (XEN) चंदौली अरविंद कुमार ने भी बताया कि पूर्वांचल की बिजली व्यवस्था का नियंत्रण लखनऊ से किया जाता है। उन्होंने कहा कि “कटौती हमारे स्तर से नहीं हो रही है। ऊपर से रोस्टिंग और कंट्रोल किया जा रहा है, जिसमें हम लोग कुछ नहीं कर सकते।”

जब उनसे पूछा गया कि आखिर इस समस्या से लोगों को स्थायी राहत कब तक मिलेगी, तो उन्होंने कहा कि अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर भीषण गर्मी में जनता कब तक बिजली संकट झेलती रहेगी? क्या सरकार इस गंभीर समस्या को लेकर ठोस कदम उठाएगी, या फिर “हर घर बिजली” और “स्मार्ट मीटर” जैसे दावे केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे?
क्षेत्रीय लोगों ने शासन और बिजली विभाग से तत्काल निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

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