वीडी सतीशन ने केरल के सीएम पद की शपथ ले ली है। अब उनकी कैबिनेट के मंत्री शपथ ले रहे हैं। वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के शीर्ष नेता शामिल हुए, जिनमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे शामिल रहे। इनके अलावा कर्नाटक और हिमाचल के सीएम भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।
वीडी सतीशन ने केरल के सीएम पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री समेत कई शीर्ष नेता मौजूद रहे। वीडी सतीशन का शपथ ग्रहण समारोह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में हुआ। सीएम के साथ ही उनकी पूरी कैबिनेट भी आज ही शपथ ले रही है।
केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने जीतीं 102 सीटेंसतीशन की कैबिनेट में 20 मंत्रियों को शामिल किया गया है और राज्यपाल द्वारा उन्हें शपथ दिलाई जा रही है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के अलावा राज्य के पूर्व सीएम और वामपंथी नेता पिनाराई विजयन, भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखरन भी सीएम के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता राज्य के विभिन्न हिस्सों से राज्य की राजधानी पहुंचे हैं। केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को चुनाव हुए थे और 4 मई को परिणाम जारी हुए थे। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने 102 सीटें जीती हैं, जबकि एलडीएफ को 35 और भाजपा को तीन सीटें मिली हैं।
कौन हैं वीडी सतीशन?
वीडी. सतीशन का पूरा नाम वदस्सेरी दामोदरन सतीशन है। उनका जन्म 31 मई 1964 को केरल के कोच्चि स्थित नेट्टूर में एक नायर परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम के. दामोदरा मेनन और मां का नाम वी. विलासिनी अम्मा है। वीडी सतीशन को जमीनी स्तर का नेता माना जाता है। सतीशन ने राजगिरी कॉलेज ऑफ सोशल साइंसेज, कोच्चि से मास्टर ऑफ सोशल वर्क की डिग्री हासिल की। राजनीति में आने से पहले उन्होंने कानून की भी पढ़ाई की।
उन्होंने केरल लॉ एकेडमी लॉ कॉलेज से एलएलबी की और गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, तिरुवनंतपुरम से मास्टर ऑफ लॉ (एलएलएम) की डिग्री भी हासिल की। वीडी सतीशन को किताबें पढ़ने का शौक है। वीडी सतीशन ने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रख दिया था और केरल स्टूडेंट्स यूनियन से जुड़े रहे। वे एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
वीडी सतीशन पेशे से वकील रहे हैं और उन्होंने करीब 10 साल तक हाईकोर्ट में वकालत की। वकालत के दौरान ही वे चुनावी राजनीति में सक्रिय रहे और साल 1996 में परावूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। हालांकि पहले चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। साल 2001 में उन्हें परावूर सीट से जीत मिली और अपनी जमीनी पकड़ और आक्रामक राजनीति के दम पर केरल कांग्रेस के शीर्ष पद तक पहुंच गए। वीडी सतीशन के नेतृत्व में केरल कांग्रेस ने यूडीएफ गठबंधन में शानदार जीत हासिल की। पार्टी ने भी उन्हें सीएम बनाकर उनकी मेहनत का फल दिया।










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