मजदूरों के अन्तर्राष्ट्रीय मई दिवस मनाना सांविधानिक अधिकार हैं : अजय राय

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चन्दौली चकिया

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एआईपीएफ के राष्ट्रीय फ्रंट कमेटी सदस्य अजय राय को गांधी पार्क में जो दवा लेने के निकले दें क्योंकि हार्ट अटैक आने से पेसमेकर लगा हैं तभी पुलिस ने अरेस्ट कर लिया लेकिन दवा लेने की अनुमति एसएचओ ने मानवीय रूप दिया उसके बाद घर में नजरबंद कर लिया गया मजदूरों के अधिकारों और उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मजदूर आज भी शोषण, बेरोजगारी और असुरक्षा से जूझ रहे हैं।

अजय राय ने अपने बयान में कहा कि मजदूर दिवस का विषेश महत्त्व हैं क्योंकि जब जरूरत है कि मजदूरों को सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी दी जाए। लेकिन आज यह नहीं मिल रहा हैं उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी हैं, जिससे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की स्थिति और खराब हुई है।

उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी का सही क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है और ठेका प्रथा के कारण मजदूरों का शोषण बढ़ा है। सरकारी रोजगार के केंद्र बंद हो रहीं हैं संविदा और ठेका पर रोजगार मिल रहा है वहीं श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलावों पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इससे मजदूरों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं।

अजय राय ने मांग की कि सभी मजदूरों को पंजीकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं, बीमा और पेंशन जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि मजदूरों की एकजुटता ही उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूत बना सकती है।

अंत में उन्होंने मजदूर दिवस के अवसर पर सभी श्रमिकों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। वहीं नोएडा का आंदोलन आधुनिक गुलामी के खिलाफ प्रतिवाद हैं और इस समय भी दिवस मनाते समय उनके उपर दमन का प्रतिरोध भी होगा ! उन्होंने अंतरराष्ट्रीय रूप से मई दिवस पर पुलिस द्वारा नेताओं को नजरबंद करना व जूलुस न निकालने देना उनके संवैधानिक अधिकार पर हमला हैं! सरकार मजदूरों के आंदोलन से डरी हैं !

 

रिपोर्ट – अलीम हाशमी

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