बांदा: 17 अप्रैल-
बुंदेलखंड की धरती अब न केवल स्वावलंबन की राह पर अग्रसर है बल्कि यहां के बुजुर्गों का भविष्य भी सुरक्षित हाथों में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि
बांदा जनपद ने अटल पेंशन योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। जिसके क्रम में जिले के 151411 लोगों को इस योजना से जोड़ा गया है जिससे बुजुर्गों के बुढ़ापे को आर्थिक तंगी से मुक्ति मिली है।
सवा लाख से अधिक लोगों को अब बुढ़ापे में नहीं सताएगी आय की चिंता
योगी सरकार की नीतियों का ही असर है कि आज बांदा का हर तबका आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहा है। विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अटल पेंशन योजना एक वरदान साबित हुई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनपद के सवा लाख से अधिक परिवारों को अब बुढ़ापे में आय की चिंता नहीं सताएगी। उन्हें गारंटीड पेंशन के जरिए सम्मानजनक जीवन जीने का हक मिल गया है।

बांदा जनपद ने इस योजना के तहत पंजीकरण में जो रफ्तार दिखाई है वह पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल है। स्थानीय प्रशासन और बैंकों के समन्वय से गांव-गांव तक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इस योजना की बारीकियों से अवगत कराया गया।
जिसका नतीजा है कि आज 1.51 लाख से अधिक लोगों का भविष्य सुरक्षित हो गया है और दर्शाता है कि केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाएं धरातल पर पूरी पारदर्शिता और मजबूती के साथ उतर रही हैं।
आर्थिक तंगी से मिली मुक्ति और बुजुर्गों का बढ़ा सम्मान
अक्सर बुढ़ापे में नियमित आय न होने के कारण बुजुर्गों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब योगी राज में उन्हें स्वावलंबन का उपहार मिला है। सीएम योगी के प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया है
कि बांदा का हर बुजुर्ग किसी पर बोझ न बने बल्कि पेंशन के रूप में मिलने वाली निश्चित राशि से अपना जीवन गर्व के साथ जी सके। कहा जाए तो केंद्र और राज्य सरकार की साझा कोशिशों से बांदा में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। अटल पेंशन योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं ने आम आदमी के भविष्य को अभेद्य कवच प्रदान किया है।
रिपोर्ट – सुनील यादव











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