कक्षा 2 की किताबों का मूल्य ₹7000! अमान खान ने जिलाधिकारी कार्यालय से पूछा—क्या विभाग ने दी है इसकी अनुमति?
रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र जनपद के निजी स्कूलों में किताबों के नाम पर अभिभावकों की जेब पर पड़ रहे भारी बोझ के खिलाफ आरटीआई एसोसिएशन (RTI Association) ने मोर्चा खोल दिया है।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अमान खान ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन देकर निजी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के मूल्य निर्धारण और बिक्री के नियमों की विस्तृत जानकारी मांगी है।
अभिभावकों के शोषण पर उठाए सवाल:
अमान खान ने आरटीआई के माध्यम से विभाग से पूछा है कि क्या उनके संज्ञान में है कि रॉबर्ट्सगंज के कुछ निजी स्कूलों (जैसे जयपुरिया स्कूल व अन्य) में कक्षा 2 जैसी छोटी कक्षाओं की किताबों का मूल्य लगभग ₹7000 वसूला जा रहा है?
उन्होंने सवाल किया कि क्या विभाग ने इस मूल्य सूची को अनुमोदित (Approve) किया है और क्या उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क निर्धारण) अधिनियम के तहत इन स्कूलों ने अपनी मूल्य सूची विभाग में जमा की है?
परिसर में किताब बिक्री पर भी घेरा:
जिलाध्यक्ष ने आवेदन में यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि क्या निजी स्कूलों को किसी विशेष दुकान या स्कूल परिसर से ही किताबें बेचने की अनुमति दी गई है। यदि नहीं, तो इस पर रोक लगाने के लिए विभाग ने क्या आदेश जारी किए हैं?
अमान खान ने चेतावनी भरे लहजे में पूछा है कि यदि कोई स्कूल निर्धारित मानकों से अधिक मूल्य वसूलता पाया जाता है, तो उस पर विभाग द्वारा क्या दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एसोसिएशन के इस कदम से निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप है, वहीं अभिभावकों ने इसे एक सकारात्मक पहल बताया है।
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला









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