वाराणसी
पीएम श्री राजकीय क्वींस कॉलेज, वाराणसी में प्रवेश उत्सव एवं बालिकाओं के लिए निःशुल्क शिक्षा एवं सशक्तिकरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
प्रवेश उत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अरविन्द श्रीवास्तव, अति विशिष्ट अतिथि प्रोफ़ेसर राजीव, अजीत उपाध्याय, उप सचिव आशीष राय और प्रधानचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने किया

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अरविन्द श्रीवास्तव जी रहे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में क्वींस कॉलेज के पूर्व छात्र अजीत उपाध्याय , डॉ. राजीव श्रीगुरूजी (प्रोफेसर, काशी हिंदू विश्वविद्यालय) एवं आशीष राय (उप सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद, वाराणसी) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।

इस अवसर पर अजीत उपाध्याय ने अपनी मातृसंस्था के प्रति समर्पण व्यक्त करते हुए बालिकाओं की निःशुल्क शिक्षा को आगे भी सुदृढ़ करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि क्वींस कॉलेज से प्राप्त शिक्षा ही उनके जीवन की सफलता का आधार है, जिससे वे समाज और राष्ट्र के हित में योगदान दे पा रहे हैं।
डॉ. राजीव श्रीगुरूजी ने विद्यालय की ऐतिहासिक पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी। आशीष राय ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को परिश्रम और लगन से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।


मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति अरविन्द श्रीवास्तव ने अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि क्वींस कॉलेज में प्रवेश पाना पूर्व समय में एक बड़ी उपलब्धि माना जाता था। उन्होंने शिक्षकों के समर्पण और अनुशासन की परंपरा की सराहना करते हुए अजीत उपाध्याय द्वारा बालिकाओं की निःशुल्क शिक्षा हेतु किए जा रहे प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
विद्यालय के उपप्राचार्य बृजेश सिंह ने विद्यार्थियों को एक आदर्श छात्र एवं नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के आयोजक प्रधानाचार्य सुमित कुमार श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विशेष रूप से अजीत उपाध्याय के योगदान को रेखांकित किया, जिसके फलस्वरूप विद्यालय को देश का प्रथम ऐसा संस्थान बनने का गौरव प्राप्त हुआ है जहां बालिकाओं को पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।
प्रधानाचार्य ने बताया कि आगामी सत्र से पूर्व छात्रों के सहयोग से बालकों की शिक्षा को भी पूर्णतः निःशुल्क करने की योजना बनाई जा रही है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. विजय भारतीय सिंह ने किया, जबकि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी शिक्षिका नेहा सिंह एवं जया सिंह द्वारा कराई गई।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।











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