गाजीपुर।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026–27 का बजट शिक्षा, युवाओं और गाजीपुर जनपद के समग्र विकास को नई दिशा देने वाला है। उक्त विचार प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, प्राचार्य, स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा।
प्रोफेसर पाण्डेय ने कहा कि यह बजट ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की सशक्त आधारशिला रखने वाला तथा अत्यंत स्वागतयोग्य है। एक शिक्षाविद् के रूप में मैं उच्च शिक्षा के बजट में 7 प्रतिशत वृद्धि एवं 6,591 करोड़ रुपये के आवंटन का अभिनंदन करता हूँ। उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए ‘मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण नीति’ की पहल सरकार की छात्र- हितैशी सोच को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा के लिए 77,622 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूता-मोजा एवं स्टेशनरी उपलब्ध कराने हेतु 650 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों की स्थापना तथा प्रत्येक जनपद में एक-एक मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय विकसित किया जाना सराहनीय कदम है।
जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं हैं, वहाँ आवासीय बालिका विद्यालय की स्थापना हेतु 580 करोड़ रुपये की नई योजना प्रस्तावित है।प्रोफेसर पाण्डेय ने बताया कि गाजीपुर को ‘काशी-विन्ध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण’ में सम्मिलित किया जाना क्षेत्रीय विकास, बेहतर आधारभूत संरचना एवं कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगा। युवाओं के लिए ‘स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना’ (टैबलेट/स्मार्टफोन) हेतु 2,374 करोड़ रुपये तथा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के अंतर्गत ब्याज-मुक्त ऋण की व्यवस्था युवाओं को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनने की दिशा में प्रेरित करेगी। निस्संदेह यह बजट प्रदेश की युवा शक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला है।











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