वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में गुरुवार को दो छात्र गुटों के बीच हुई मारपीट की घटना ने पूरे कैंपस में हड़कंप मचा दिया। रुइया छात्रावास में रहने वाले छात्र पीयूष तिवारी की बिड़ला छात्रावास के कुछ छात्रों द्वारा कथित पिटाई के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में छात्र बिड़ला चौराहे पर जुट गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाए। बिड़ला सी हॉस्टल के 11 कमरों को सील कर दिया गया, वहीं पूरे क्षेत्र की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। कैंपस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के मद्देनज़र भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है।
घटना की सूचना मिलते ही लंका थाना इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा और बीएचयू चौकी प्रभारी सौरभ तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया गया, लेकिन आक्रोशित छात्र आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर गमछा बांधकर विरोध जताते रहे।
मौके पर हालात की निगरानी के लिए डीसीपी काशी गौरव वंशावल और एडीसीपी काशी सरवणन टी भी पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से संवाद कर स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद छात्र रुइया छात्रावास वापस लौट गए, हालांकि वे दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
लंका थाना इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने बताया कि पीड़ित छात्र से तहरीर ली जा रही है और उसी के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस की मौजूदगी में परिसर में शांति व्यवस्था कायम है।
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। एहतियातन विश्वविद्यालय परिसर में लगातार गश्त, ड्रोन सर्विलांस और अतिरिक्त फोर्स तैनात रखी गई है।
फिलहाल बीएचयू में शांति है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।










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