वाराणसी के जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार ने आज आईआईवीआर, वाराणसी का औपचारिक भ्रमण किया। उनके साथ संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार, फसल सुधार प्रभाग के प्रमुख डॉ. नागेन्द्र राय, फसल सुरक्षा प्रभाग के प्रमुख डॉ. ए.एन. सिंह, उत्पादन के डॉ अनंत बहादुर और डॉ. नीरज सिंह उपस्थित रहे।भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने संस्थान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का दौरा किया, जिसमें मेटाबोलॉमिक्स लैब, मॉलिक्यूलर लैब, ब्रीडिंग लैब, बायोकेमिकल लैब और प्रोसेसिंग लैब शामिल हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने जिलाधिकारी को मेटाबोलॉमिक्स लैब के वैज्ञानिक डॉ. डी.पी. सिंह के माध्यम से माइक्रोबियल कंसोर्टिया, बायोस्टिमुलेंट उत्पादों तथा अपशिष्ट वाष्पीकरण उत्पादों के अनुसंधान कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
संस्थान ने हाल के वर्षों में सब्जी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रमुख उपलब्धियों में उच्च गुणवत्ता वाले हाइब्रिड बीजों का विकास, बायोफर्टिलाइजर और बायोस्टिमुलेंट्स आधारित टिकाऊ खेती तकनीकें, एकीकृत कीट प्रबंधक पैकेज, तथा मेटाबोलॉमिक्स और मॉलिक्यूलर बायोलॉजी पर आधारित जलवायु लचीली किस्में शामिल हैं। ये प्रयास छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए कम लागत वाली तकनीकों को बढ़ावा देते हैं, जिससे वाराणसी और पूर्वांचल के किसानों को लाभ हो रहा है।
संस्थान ने 100 से अधिक किस्में/हाइब्रिड जारी किए हैं तथा बायोइनोकेुलेंट्स के व्यावसायिक उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभाई है।इस अवसर पर जिलाधिकारी सतेंद्र कुमार ने संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों एवं उपलब्धियों की उच्च प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संस्थान के कार्य किसानों के कल्याण में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। साथ ही, उन्होंने भविष्य में जिला प्रशासन द्वारा संस्थान के कार्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय सहयोग की आशा व्यक्त की, विशेष रूप से किसान प्रशिक्षण कार्यक्रमों, बीज वितरण तथा बायोप्रोडक्ट्स के व्यावसायीकरण में सहायता प्रदान करने के लिए।











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