• नवनिर्मित थाना भवन आधुनिक, नागरिक-अनुकूल और प्रभावी पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
• थाना नागरिक और पुलिस के बीच विश्वास का पहला केन्द्र है, जहाँ बेहतर वातावरण से सेवा की गुणवत्ता बढ़ती है।
• 50-60 हजार नए आरक्षियों के आगमन से पूर्व इन्फ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर का संतुलित नियोजन अनिवार्य है।
• नागरिक जब थाने पर आता है तो वह सिर्फ शिकायत लेकर नहीं आता-वह उम्मीद लेकर आता है। हमें उनकी उम्मीदों पर खरे उतरना है।
• नवीन आदर्श थाना दक्षिण भविष्य के सभी थानों के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य करेगा।
(पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0)
मा0 मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ की शीर्ष प्राथमिकताओं के क्रम में राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 के मार्गदर्शन में दिनांकः 20.01.2026 को जनपद फिरोजाबाद के नवनिर्मित ’’आदर्श थाना दक्षिण’’ का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोकार्पण किया गया।
नवनिर्मित थाने की प्रमुख विशेषतायेः-
• थाना क्षेत्र लगभग 85 वर्ग किमी में फैला है, जनसंख्या लगभग 5 लाख है, जिसमें 6 चौकियाँ, 22 मंदिर, 33 मस्जिद, 17 बैंक एवं 14 इंटर कॉलेज सम्मिलित हैं। कुल पुलिस बल 79 है।
• नवनिर्मित जी+3 थाना भवन में कार्यालय, मिशन शक्ति केन्द्र, साइबर हेल्प डेस्क, विवेचना कक्ष, बंदी गृह, बैरक, भोजनालय, सभागार, व्यायामशाला एवं पर्याप्त आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
• मिशन शक्ति केन्द्र, महिला कर्मियों हेतु क्रेच रूम एवं महिला-सुरक्षा से संबंधित विशेष व्यवस्थाएँ की गई हैं।
• दंगा नियंत्रण हेतु आधुनिक एंटी-राइट उपकरण तथा साइबर अपराधों से निपटने हेतु पूर्णतः सुसज्जित साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है।
• पुलिस कल्याण, पृथक बैरक, भोजनालय, प्रशिक्षण हेतु प्रोजेक्टर युक्त सभागार तथा कुल 180 पुलिसकर्मियों के आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित अनुपम कुलश्रेष्ठ, अपर पुलिस महानिदेशक, आगरा जोन, शैलेश पाण्डेय, पुलिस उपमहानिरीक्षक आगरा परिक्षेत्र, सौरभ दीक्षित, पुलिस अधीक्षक फिरोजाबाद, कार्यदायी संस्था C&DS के प्रतिनिधिगण, जनपद फिरोजाबाद के अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारीगण/थाना प्रभारीगण एवं पुलिस कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि-
उद्घाटन के दौरान दिखाई गयी वॉकथ्रू फिल्म देखकर यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बीते वर्षों में एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी यात्रा तय की है। 25-30 वर्ष पूर्व जिन सुविधाओं की कल्पना भी कठिन थी, वे आज हमारे थानों की वास्तविकता बन चुकी हैं।
थाना केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि नागरिक और पुलिस के बीच विश्वास का पहला केन्द्र होता है। नागरिक जब यहाँ आता है, तो वह केवल शिकायत नहीं, बल्कि उम्मीद लेकर आता है। अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुव्यवस्थित कार्यक्षेत्र और सकारात्मक वातावरण-यही बेहतर पुलिसिंग की आधारशिला है।
माननीय मुख्यमंत्री जी ने पुलिस इन्फ्रास्ट्रक्चर को राज्य की शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा है। इसी का परिणाम है कि आज थानों, सीओ कार्यालयों और प्रशिक्षण परिसरों का स्वरूप पूरी तरह बदल रहा है।
आने वाले समय में 50 से 60 हजार नए आरक्षी हमारी फोर्स में सम्मिलित होंगे। यह आवश्यक है कि उनके आगमन से पूर्व-
• इन्फ्रास्ट्रक्चर पर्याप्त हो,
• कार्य-विभाजन स्पष्ट हो,
• और मैनपावर का संतुलित व वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
पुलिसिंग केवल पेट्रोलिंग तक सीमित नहीं है। साइबर क्राइम, मिशन शक्ति, CCTNS और डिजिटल सुपरविजन ने हमारे कार्य को बहुआयामी बना दिया है। इसीलिए फील्ड और ऑफिस-दोनों स्तरों पर 75-80 प्रतिशत फील्ड तथा 15-20 प्रतिशत ऑफिस बल का संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। नवनिर्मित थाना दक्षिण एक उत्कृष्ट मॉडल है। पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा कार्यदायी संस्था C&DS को उच्च गुणवत्ता और समयबद्ध निर्माण के लिए विशेष रूप से बधाई देते हुये कहा कि इस थाने के डिजाइन, बजट और संसाधनों का विवरण भविष्य के सभी थानों के लिए एक बेस मॉडल बने-यह हमारी अपेक्षा है। पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा संबोधन के अंत में कहा कि-यह भवन केवल ईंट-पत्थर नहीं है, ये हमारी भविष्य की पुलिसिंग की दिशा है। इनका सही रख-रखाव, इनका प्रभावी उपयोग, और प्रत्येक कर्मी की क्षमता का पूर्ण सदुपयोग-यही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।











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