अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के आवाहन पर विभिन्न राज्यों से आए हजारों शिक्षकों ने अपनी लम्बित मांगों को लेकर शनिवार को वरूणा बृज स्थित लाल बहादुर शास्त्री घाट पर धरना प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर आयोजित सभा का नेतृत्व करते हुए एआईफुक्टो के अध्यक्ष प्रो.एम.नागराजन व महासचिव प्रो.अरूण कुमार ने कहा कि सरकार शिक्षकों की उपेक्षा कर रही है, शिक्षा की स्थिति उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में बदहाली की स्थिति में पहुंच चुकी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 उच्च शिक्षा को आम लोगों के पहुंच के बाहर करती जा रही है।
विश्वविद्यालय को भविष्य में कॉर्पोरेट घरानों के हाथों सौंपने की तैयारी में जुटी है। सरकार पूरी शिक्षा का बाजारीकरण ,व्यापारीकरण और साम्प्रदायिकीकरण करने पर उतारू है। देश का शिक्षा मंत्री और मंत्रालय तथा यूजीसी शिक्षक संगठनों से बात करने से कतराते हैं। शिक्षक संगठनों के साथ संवाद हीनता की स्थिति कायम किए हुए हैं। देश भर के शिक्षक इससे आक्रोशित हैं। इसे एआईफुक्टो संगठन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
शिक्षकों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के नकारात्मक पहलुओं को रद्द करने, सभी शिक्षकों के लिए ओपीएस लागू करने, देशभर में अवकाश की उम्र सीमा समरूप 65 वर्ष करने, उत्तर प्रदेश सहित देश के सभी राज्यों में अनुदानित महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों को स्थाई वेतनमान और सेवा शर्तें देने, उत्तर प्रदेश में पुनः फीडर कैडर लागू करने, 2018 के यूजीसी रेगुलेशन के मुताबिक एमफिल और पीएचडी वेतन वृद्धि लागू करने, एसोसिएट प्रोफेसर की प्रोन्नति में पीएचडी की अनिवार्यता खत्म करने, जिन राज्यों को सातवें वेतन आयोग का बकाया आज तक केंद्र सरकार ने नहीं भेजा है
उसकी धनराशि तुरंत राज्यों को भेजने, अतिथि शिक्षकों को पूर्ण वेतनमान और सेवा शर्त देने आदि की मांग किया। धरना रत शिक्षकों ने प्रधानमंत्री से यह भी मांग की है कि हमारी मांगों को मानने के लिए शिक्षा मंत्रालय को समुचित निर्देश अविलंब दें यही संदेश देने के लिए प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र बनारस की ऐतिहासिक धार्मिक नगरी में एकत्र हुए हैं। शिक्षकों ने शासन को यह चेतावनी भी दी है कि यदि हमारी मांगों को नहीं माना गया तो हम विरोध को और भी उग्र करेंगे जिसका दायित्व शासन का होगा।
धरने की अध्यक्षता एम.नागराजन ने तथा संचालन प्रो.अरूण कुमार ने किया। धरने में प्रमुख रूप से प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान, प्रोफेसर पीके सिंह, प्रोफेसर विवेक द्विवेदी, प्रोफेसर रवि, प्रोफेसर बीजू कुमार, प्रोफेसर विनायक भट्टाचार्य, प्रोफेसर बीके मंडल, प्रोफेसर विनय सोफत, प्रोफेसर नरेंद्र सिंह, प्रोफेसर गांधी राज, प्रोफेसर निशांत, प्रोफेसर मोजपाल सिंह, प्रोफेसर अशोक कुमार सिंह, प्रोफेसर गंगेश दीक्षित आदि ने संबोधित किया।
रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी









Users Today : 42
Users This Year : 11832
Total Users : 24425
Views Today : 103
Total views : 48033