काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य *अजित कुमार चतुर्वेदी* ने आज विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की महत्त्वाकांक्षी *भारत बौद्धिक्स’ योजना

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 अंतर्गत कला, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित *21 पुस्तकों का विमोचन* किया। यह कार्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा की मुख्यधारा में समाहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

 

इस अवसर पर विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के प्रांत संयोजक *प्रो. अरविंद कुमार मिश्र डॉ. शरद धर शर्मा,प्रो. विनय कुमार सिंह,प्रो. राघवेंद्र चौबे,प्रो. राकेश तिवारी* एवं डॉ. अरुण कुमार चौबे सहित अनेक शिक्षाविद उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति आचार्य अजित कुमार चतुर्वेदी ने विद्या भारती के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि **काशी हिंदू विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अंतर्गत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूर्ण रूप से लागू किया जा चुका है**, जिसमें *इंडियन नॉलेज सिस्टम (Indian Knowledge System)* को भी सम्मिलित किया गया है। ऐसे में ‘भारत बौद्धिक्स’ योजना के अंतर्गत प्रकाशित ये पुस्तकें अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी।

 

उन्होंने कहा कि आज विश्व पर्यावरणीय संकट, नैतिक मूल्यों के ह्रास, संस्कृति एवं परंपराओं से दूरी जैसी अनेक समस्याओं से जूझ रहा है, जिनका समाधान *भारतीय ज्ञान परंपरा और दर्शन* में निहित है। भारतीय योग, दर्शन, वास्तुकला, आयुर्वेद, मानसिक स्वास्थ्य, पंचकोश आधारित शिक्षा एवं स्थापत्य कला जैसी विधाएँ समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं और आज वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही हैं।

 

कुलपति ने कहा कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के मार्ग पर चलते हुए और वैज्ञानिक आधार को अपनाते हुए भारतीय ज्ञान और दर्शन का उपयोग समकालीन वैश्विक समस्याओं के समाधान में किया जाना चाहिए। इस दिशा में विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा उठाया गया यह कदम अत्यंत सराहनीय है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रामाणिकता को आधुनिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाज तक पहुँचाने का कार्य करेगा।

इस अवसर पर विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के काशी हिंदू विश्वविद्यालय प्रतिनिधि मंडल ने जानकारी दी कि **‘भारत बौद्धिक्स’ परीक्षा** का आयोजन देशभर के *स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों* के लिए *31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को किया जाएगा। यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में हिंदी एवं अंग्रेजी* दोनों भाषाओं में आयोजित होगी।

 

परीक्षा कुल *100 अंकों* की होगी, जिसमें *80 अंक बहुविकल्पीय प्रश्नों एवं 20 अंक वर्णनात्मक प्रश्नों* के लिए निर्धारित हैं। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को *प्रथम पुरस्कार ₹1,00,000, द्वितीय पुरस्कार ₹50,000,तृतीय पुरस्कार ₹25,000* एवं चतुर्थ पुरस्कार ₹2,500 तथा प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

 

कार्यक्रम के अंत में कुलपति आचार्य अजित कुमार चतुर्वेदी ने इस पहल से जुड़े सभी आयोजकों, लेखकों एवं शिक्षाविदों को **साधुवाद** देते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार हेतु निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया

रिपोर्ट रोशनी

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